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    पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में पेयजल संकट: एक किमी से दूर पानी लाने को मजबूर ग्रामीण, महीनों से खराब पड़ा नल

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 12:00 PM (IST)

    मझगांव प्रखंड के अम्बाईमार्चा गांव में ग्रामीण एक किलोमीटर दूर खेत के कुएं पर निर्भर हैं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है और पानी की श ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, चाईबासा। मझगांव प्रखंड के अम्बाईमार्चा गांव स्थित आदिवासी टोला में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। सरकारी चापाकल कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को पीने के पानी के लिए करीब एक किलोमीटर दूर खेत में स्थित एक कुएं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यह कुआं खेत के बीच स्थित होने के कारण न केवल दूर है, बल्कि खुला होने से पानी की शुद्धता को लेकर भी आशंका बनी रहती है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा आवेदन

    गांव की इस समस्या को देखते हुए स्थानीय शिक्षित युवा राज राउत ने पहल करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में खराब पड़े चापाकल की शीघ्र मरम्मत कराने या वैकल्पिक रूप से नया चापाकल अथवा सोलर जल मीनार लगाने की मांग की गई है।

    समस्या के समाधान का मिला आश्वासन

    ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस समस्या को उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि संबंधित विभाग से समन्वय कर जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

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    मौके पर जयंती पुरती, बिमला कोंडाकेल, गंगाराम पुरती, जानी पुरती, राबिन पुरती, आरती देवी, बाल्का कोंडाकेल, सुशीला महाराणा, बीरबल कोंडाकेल, पार्वती कोंडाकेल, सरस्वती कोंडाकेल, रेनिस राउत, विजय राउत, लूड़ु पुरती, मनोज महाराणा, संतोष महाराणा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

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