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    झारखंड: मैक्लुस्कीगंज की बदलेगी तकदीर, पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा 'गोरों का गांव'

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के दौरे के बाद मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना शुरू हुई है। यहां एंग्लो-इंडि ...और पढ़ें

    मैक्लुस्कीगंज। फाइल फोटो

    मैक्लुस्कीगंज। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पर्यटन मंत्री के दौरे से मैक्लुस्कीगंज में नई उम्मीद जगी।

    2. एंग्लो-इंडियन स्थापत्य शैली पर आधारित होम स्टे विकसित होंगे।

    3. स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित गतिविधियों से रोजगार मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, मैक्लुस्कीगंज। झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के हालिया मैक्लुस्कीगंज दौरे ने क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगा दी है।

    अपनी ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और एंग्लो-इंडियन संस्कृति के लिए प्रसिद्ध मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने ठोस पहल शुरू कर दी है। मंत्री ने स्थानीय लोगों और एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधियों से चर्चा कर पर्यटन विकास की रूपरेखा साझा की।

    योजना के तहत मैक्लुस्कीगंज में एंग्लो-इंडियन स्थापत्य शैली पर आधारित होम स्टे विकसित किए जाएंगे, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और विरासत का अनुभव मिल सके।

    इसके साथ ही क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को भी विकसित करने की योजना है।

    कभी 'गोरों के गांव' के नाम से देश-विदेश में पहचान रखने वाला मैक्लुस्कीगंज अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, पुराने ब्रिटिशकालीन बंगले, घने जंगल, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

    वर्षों से पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद अपेक्षित विकास नहीं होने से यह क्षेत्र अपनी पहचान खोता जा रहा था। अब सरकार की पहल से लोगों को उम्मीद है कि मैक्लुस्कीगंज एक बार फिर पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार की योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को होम स्टे, होटल, गाइड, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के समग्र विकास का रास्ता खुलेगा।

    क्षेत्रवासियों का मानना है कि लंबे समय बाद मैक्लुस्कीगंज के सुनहरे भविष्य की उम्मीद जगी है। यदि प्रस्तावित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो आने वाले वर्षों में मैक्लुस्कीगंज फिर से अपनी ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन की नई ऊंचाइयों के साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता नजर आएगा।

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