झारखंड में सुखाड़ की आशंका के चलते मिलेट्स मिशन को बढ़ावा, दस हजार किसानों ने कराया पंजीकरण
झारखंड में सुखाड़ की आशंका के चलते कृषि विभाग मिलेट्स मिशन पर जोर दे रहा है, जिसके तहत अब तक दस हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। किसानों को प्रति हेक ...और पढ़ें

तीन हजार से 15 हजार रुपये तक मिलेगी प्रोत्साहन राशि।
HighLights
सुखाड़ की आशंका पर मिलेट्स मिशन को बढ़ावा।
दस हजार किसानों ने कराया पंजीकरण, प्रोत्साहन राशि।
कम पानी में होगी खेती, 50 हजार का पुरस्कार।
मनोज सिंह, रांची। राज्य में सुखाड़ की आहट के बाद कृषि विभाग सतर्क हो गया है। इससे निपटने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिलेट्स मिशन पर जोर दिया जा रहा है। कृषि की ओर से वीडियो जारी कर मिलेट्स की खेती करने का आग्रह किया जा रहा है।
विभाग की ओर से हुए प्रचार-प्रसार के बाद अब तक राज्य के दस हजार किसानों ने मिलेट्स मिशन के जरिए खेती करने के लिए अपना पंजीयन कराया है। विभाग की ओर से ऐसे किसानों को मिलेट्स की खेती करने के लिए प्रति हेक्टेयर तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा मिलेट्स का बीज भी 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को दिया जाना है।
किसानों को पंजीयन करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई निर्धारित की गई है। मिलेट्स में रागी, ज्वार, बाजरा और मक्का की खेती की जाती है। राज्य में रागी की खेती सबसे ज्यादा होती है। उसके बाद ज्वार और बाजरा का उत्पादन होता है।
मिलेट्स का अच्छी पैदावार करने वाले किसान होंगे पुरस्कृत
कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि मिलेट्स मिशन के तहत किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जानी है। लेकिन मिलेट्स की अच्छी पैदावार करने वाले किसानों को 50 हजार रुपये पुरस्कार राशि भी दी जाएगी।
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उन्होंने कहा कि अलनीनो की वजह से राज्य में कम वर्षा होने का अनुमान है। वर्षा की कमी को देखते हुए राज्य में मिलेट्स मिशन के तहत किसानों को श्रीअन्न की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
क्योंकि कम पानी में भी मिलेट्स, दलहन और तिलहन की खेती की जा सकती है। इसलिए राज्य की ऊपरी जमीन पर खेती करने वाले किसानों को मिलेट्स मिशन के तहत जोड़ा जा रहा है।
कम वर्षा में वैकल्पिक खेती के तौर पर ही मिलेट्स की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जो अधिकतम 15 हजार रुपये तक होगी। इसके लिए पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है। किसान अपने नजदीकी सीएससी (काॅमन सर्विस सेंटर) में भूमि से संबंधित दस्तावेज और पहचान पत्र के साथ इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
मिलेट्स मिशन का उद्देश्य
इस अभियान का उद्देश्य किसानों को मिलेट्स की खेती के प्रति जागरूक करना, आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा सरकार द्वारा संचालित प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है।
विभाग का मानना है कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं अनियमित वर्षा जैसी परिस्थितियों के बीच मिलेट्स की खेती किसानों के लिए एक बेहतर एवं टिकाऊ विकल्प है। यह कम पानी और उत्पादन की लागत भी कम है जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
झारखंड राज्य मिलेट्स मिशन के अंतर्गत किसानों को इसकी की खेती के लिए प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना का लाभ अधिकतम पांच एकड़ तथा न्यूनतम 10 डिसमिल भूमि पर मिलेट्स की खेती करने वाले किसानों को दिया जाएगा।