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    झारखंड में दिनभर चला हाईवोल्टेज ड्रामा: लाठीचार्ज से आंसू गैस और विधानसभा तक पहुंचा मार्च, पूरा अपडेट

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 04:18 AM (IST)

    झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया। ...और पढ़ें

    झारखंड प्रोटेस्ट। (ANI)

    झारखंड प्रोटेस्ट। (ANI)

    HighLights

    1. छात्रों ने जेपीएससी-जेएसएससी अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव किया।

    2. पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी।

    3. पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते रिश्वत मामले में गिरफ्तार।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड राज्य कर्मचारी आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में पिछले 17 दिनों से आंदोलनरत छात्रों ने सोमवार को मार्च निकालकर विधानसभा का घेराव किया।

    पुलिस को आंदोलनरत छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। रांची की पुरानी विधानसभा के पास से सुबह लगभग नौ बजे निकला छात्रों का मार्च तीन किलोमीटर दूर आठ बैरिकेडिंग को लांघते हुए नई विधानसभा परिसर तक जा पहुंचा।

    ऐसा झारखंड के इतिहास में पहली बार हुआ कि कोई मार्च विधानसभा परिसर तक पहुंच गया हो। इस दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे दर्जनभर छात्र चोटिल हो गए।

    एंबुलेंस से पहुंचे छात्रनेता देवेंद्र महतो

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    नौ दिनों से भूख हड़ताल पर डटे छात्रों की हौसला बढ़ाने एंबुलेंस से पहुंचे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने लाठीचार्ज पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब छात्रों की सिर्फ मुख्यमंत्री से ही बात होगी, सरकार के स्तर से गठित मंत्रियों की चार सदस्यीय समिति से कोई वार्ता नहीं होगी।

    खेत से होकर पहुंचे विधानसभा

    इधर, पुलिस को चकमा देते हुए छात्र विधानसभा का मुख्य मार्ग को छोड़ खेत व अन्य मार्गों से होते हुए परिसर तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने पहले तो उनपर पानी की बौछार की और फिर आंसू गैस के गोल छोड़े।

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    सदन की कार्यवाही लगभग चार बजे संपन्न होने के बावजूद छात्र वहीं डटे रहे। शाम लगभग साढ़े छह बजे सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के अतिरिक्त डेढ़ हजार जवानों को उतारा गया। इसके बाद छात्रों की भीड़ तितर-बितर हुई।

    भाजपा का झारखंड बंद का एलान

    इधर, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद बुलाया है। नेताजी प्रतिपक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने देर शाम आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

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    वहीं, अखिल भारतीय विधार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को ही विधानसभा घेराव की घोषणा की है। अभाविप के झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने यह बताया।

    बाबूलाल मरांडी समेत कई भाजपा नेता हिरासत में

    भाजपा, आजसू और जेएलकेएम समेत विपक्षी दलों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। भाजपा नेताओं ने सुबह मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन किया।

    वहां धरना दे रहे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल सहित भाजपा के सभी 21 विधायकों व कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया, जिन्हें शाम में छोड़ दिया गया।

    सीजीएल परीक्षा रद करने व सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं छात्र

    लगभग दो दर्जन मांगों को लेकर आंदोलनरत छात्रों की मांगों में से अधिसंख्य मांगों पर छात्रों और सरकार के बीच सहमति बन चुकी है, परंतु छात्र जेएसएससी की "कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन" (सीजीएल) रद करने और अनयिमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर अड़े हैं।

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    सीजीएल परीक्षा के मामले में सरकार का तर्क है कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद न सिर्फ इसके परिणाम जारी हुए हैं, बल्कि नियुक्तियां भी हो चुकी हैं। ऐसे में सरकार इसे रद करने में सक्षम नहीं है। सीजीएल की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार न्यायिक आयोग की निगरानी में सीआईडी जांच को तैयार है।

    इन परीक्षाओं को रद करने पर सहमत है सरकार

    • जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025।
    • आरक्षित श्रेणी के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित संयुक्त सिविल सेवा बैकलाग परीक्षा 2023 व संयुक्त सिविल सेवा बैकलाग परीक्षा 2025।

    छात्रों की अन्य प्रमुख मांगों में यह भी

    • एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) से संबद्ध सभी परीक्षाओं को रद करते हुए उसकी सीबीआइ जांच कराए सरकार।
    • परीक्षा आयोगों और नियुक्ति प्रक्रिया में व्यापक सुधार के निमित्त किसी एजेंसी की जगह आयोग द्वारा सीधे परीक्षा आयोजित कराए सरकार।
    • जेपीएससी एवं जेएसएससी में व्यापक सुधार के निमित्त आयोग में वर्तमान पदस्थापित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को हटाकर बेदाग छवि बाले अधिकारियों को पदस्थापित किया जाए। गैर राजनीतिक छवि वालों को अध्यक्ष एवं सदस्य बनाया जाए।
    • जेपीएससी मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका मैनुअली जांची जाए तथा जांच की हुई कापी को डिजिटली वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।
    • फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर 90 दिनों के भीतर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
    • सभी परीक्षाओं का परिणाम जारी करने के समय ही कट ऑफ मार्क्स जारी हो।

    पुलिस की कार्रवाई पर बिफरा विपक्ष

    छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को विपक्ष ने जहां सरकार की तानाशाही करार दिया है, वहीं सत्ताधारी झामुमो ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को हाइजैक करने का आरोप लगाया है।

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार लाठी-डंडा से छात्रों की आवाज दबा नहीं सकती है। वहीं, राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सड़क पर छात्र नहीं, भाजपा के उदंड और अराजक तत्व थे।

    हेमंत ने की छात्रों के शांतिपूर्ण विधानसभा मार्च की सराहना

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के शांतिपूर्ण विधानसभा मार्च की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना उनका अधिकार है और सरकार उनकी आवाज का सम्मान करेगी।

    मुख्यमंत्री ने देर रात अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर छात्र आंदोलन पर अपनी बात रखी। उन्होंने छात्रों के संयम और संवेदनशीलता की सराहना की है।

    मुख्यमंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से कार्रवाई होगी।

    जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते गिरफ्तार

    14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया।

    उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। खियांग्ते पर जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को ठेका देने के बदले दो करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।

    L Khiangte

    सीआईडी को यह जानकारी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान से मिली है। अभय के अनुसार, खियांग्ते ने टीडीपीएल (मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) को होने वाले भुगतान में 20 प्रतिशत कमीशन भी मांगा था।

    अभय के अनुसार, टीडीपीएल ने रिश्वत देकर परीक्षा संचालन का टेंडर हासिल किया और इसकी भरपाई के लिए प्रत्येक सीट 30 से 40 लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई थी। एल. खियांग्ते झारखंड कैडर के सातवें आईएएस या पूर्व आईएएस अधिकारी हैं, जिनकी गिरफ्तारी हुई है।

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