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झारखंड के अल्पसंख्यक विद्यालयों में अब माध्यमिक आचार्य की नियुक्ति, कैबिनेट को भेजा प्रस्ताव

Published: Tue, 08 Sep 2026 02:27 PM (IST)

झारखंड के गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में अब स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की जगह माध्यमिक आचार्य नियुक्त होंगे। ...और पढ़ें

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कैबिनेट को भेजा नियमावली का प्रस्ताव।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कैबिनेट को भेजा नियमावली का प्रस्ताव।

HighLights

  1. अल्पसंख्यक विद्यालयों में अब माध्यमिक आचार्य की नियुक्ति की जाएगी।

  2. शिक्षा विभाग ने नई नियमावली का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा।

  3. स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों के स्थान पर माध्यमिक आचार्य नियुक्त होंगे।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षक के रूप में माध्यमिक आचार्य की नियुक्ति होगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मियों की सेवाशर्त को लेकर नई नियमावली लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें यह प्रविधान किया गया है।

विभाग ने यह प्रस्ताव कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा है। अभी तक इस श्रेणी के विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होती रही है। अब इन विद्यालयों में नए वेतनमान में माध्यमिक आचार्यों की नियुक्ति होगी।

दरअसल, गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों को राज्य सरकार शिक्षकों के वेतन के लिए प्रति वर्ष अनुदान देती है। शिक्षकों की नियुक्ति विद्यालय के शासी निकाय द्वारा होती है, लेकिन उसपर मंजूरी राज्य सरकार देती है।

शिक्षकों की नियुक्ति एवं सेवाशर्त का निर्धारण भी राज्य सरकार करती है। बताते चलें कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने अपने माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए झारखंड सरकारी माध्यमिक आचार्य, प्रधानाचार्य एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति एवं सेवाशर्त नियमावली, 2025 गठित की है।

यही नियमावली अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मियों की नियुक्ति में लागू होगी। इसपर वित्त विभाग, विधि विभाग तथा कार्मिक विभाग की सहमति पहले ही मिल चुकी है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भी मंत्रिमंडल एवं समन्वयन विभाग को भेजा गया था, लेकिन इसमें कुछ बिंदुओं पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया।

इसका समाधान कर लिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट की अगली बैठक में इसपर स्वीकृति मिल सकती है। राज्य में कुल 134 गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। 

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