सहायक आचार्य नियुक्ति मामला: हाई कोर्ट ने सरकार और JSSC को 70 पद रिक्त रखने का दिया निर्देश
झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति मामले में सरकार और जेएसएससी को 70 पद रिक्त रखने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें
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झारखंड हाई कोर्ट। (जागरण)
HighLights
हाई कोर्ट ने 70 सहायक आचार्य पद रिक्त रखने को कहा।
दो वर्षीय बीएड शामिल करने के एकल पीठ के आदेश को चुनौती।
जेएसएससी की अपील स्वीकार, अवमानना याचिका पर रोक लगाई।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति में दो वर्षीय बीएड कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को शामिल करने के एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अपील पर सोमवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले में सरकार और जेएसएससी को 70 पद रिक्त रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश के अनुपालन को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी है। खंडपीठ ने जेएसएससी की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
इससे पहले हाई कोर्ट की एकल पीठ ने सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में दो वर्षीय बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को भी शामिल करने और उनका परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था।
बीएड भी मान्य
इन अभ्यर्थियों ने कक्षा छह से आठ तक के गणित, विज्ञान सहित अन्य विषयों के लिए आवेदन किया था। अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई थी कि सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा से संबंधित 29 जनवरी 2024 के संशोधन में दो वर्षीय बीएड को भी मान्य योग्यता में शामिल किया गया है।
ऐसे में उन्हें परीक्षा के लिए योग्य मानते हुए उनका परिणाम जारी किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि परिमल कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के लिए वर्ष 2022 की नियुक्ति नियमावली ही लागू होगी।
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29 जनवरी 2024 को किया गया संशोधन इस नियुक्ति प्रक्रिया पर लागू नहीं होगा। जेएसएससी की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने दो वर्षीय बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को इस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने का कोई निर्देश नहीं दिया है।
वर्ष 2022 की नियुक्ति नियमावली के आधार पर जारी वर्ष 2023 के विज्ञापन में सहायक आचार्य पद के लिए एक वर्षीय बीएड को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता माना गया था।
जेएसएससी ने यह भी दलील दी कि 29 जनवरी 2024 को नियमावली में संशोधन कर दो वर्षीय बीएड को शामिल किया गया था, लेकिन सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति वर्ष 2023 के विज्ञापन के आधार पर हो रही है। इसलिए बाद में किए गए संशोधन का लाभ इस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों को नहीं दिया जा सकता।