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    बोकारो स्टील प्लांट के अधिकारियों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, प्रदर्शन के दौरान मौत मामले में FIR खारिज

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 06:42 PM (IST)

    झारखंड हाई कोर्ट ने बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL) के पांच अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी है। यह मामला 2025 में एक प्रदर्शन के दौरान हुई मौ ...और पढ़ें

    प्रदर्शन में मौत: झारखंड हाई कोर्ट से बीएसएल के पांच अधिकारियों को बड़ी राहत।

    प्रदर्शन में मौत: झारखंड हाई कोर्ट से बीएसएल के पांच अधिकारियों को बड़ी राहत।

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने बीएसएल अधिकारियों की प्राथमिकी रद्द की।

    2. 2025 के प्रदर्शन में हुई मौत का मामला था।

    3. बीरेंद्र तिवारी सहित पांच अधिकारियों को मिली राहत।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत से बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) के तत्कालीन प्रभारी निदेशक बीरेंद्र कुमार तिवारी, तत्कालीन महाप्रबंधक हरि मोहन झा सहित पांच अधिकारियों को राहत मिली है।

    अदालत ने सोमवार को निर्णय सुनाते हुए इस मामले में अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने का निर्देश दिया। अदालत ने बीरेंद्र कुमार तिवारी और हरि मोहन झा की ओर से दाखिल दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया।

    मामले में बीएसएल के तत्कालीन प्रभारी निदेशक बीरेंद्र कुमार तिवारी, तत्कालीन महाप्रबंधक हरि मोहन झा, तत्कालीन कार्यकारी निदेशक राजश्री बनर्जी, तत्कालीन जीएम आलोक चावला तथा बीएसएल के आइआर विभाग के प्रभाकर कुमार ने अपने विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

    उग्र हो गया था प्रदर्शन

    वर्ष 2025 में बोकारो विस्थापित अप्रेंटिस संघ की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में बीएसएल के प्रशासनिक भवन के समक्ष बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और तोड़फोड़ तथा आगजनी की घटनाएं हुईं।

    प्रदर्शनकारियों और सीआइएसएफ जवानों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के बाद पीड़ित के स्वजनों ने बीएसएल अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए बोकारो स्टील सिटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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    इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी बीएसएल प्रबंधन और सीइओ बोकारो की ओर से अलग-अलग दो प्राथमिकी दर्ज कराई गई थीं। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद हाई कोर्ट ने बीएसएल अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया।

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