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    'परजीवी की तरह जीवित है विपक्ष, अब छात्रों का चोला और गेरूआ पहनकर कर रहा राजनीति': हेमंत सोरेन का तीखा हमला

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 04:38 PM (IST)

    मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए जेपीएससी और टीडीपीएल परीक्षा विवाद पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री का विपक्ष पर कड़ा प्रहार: जेपीएससी विवाद और छात्र आंदोलन पर सरकार का स्पष्टीकरण।

    मुख्यमंत्री का विपक्ष पर कड़ा प्रहार: जेपीएससी विवाद और छात्र आंदोलन पर सरकार का स्पष्टीकरण।

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री ने विपक्ष को 'परजीवी' बताया, छात्रों की आड़ में राजनीति का आरोप।

    2. जेपीएससी और टीडीपीएल परीक्षा विवादों की जांच सरकार गंभीरता से करा रही है।

    3. सरकार छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर, सुधारों पर लगातार काम कर रही है।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए जेपीएससी परीक्षाओं, टीडीपीएल परीक्षा विवाद और हालिया छात्र आंदोलन को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और हर परीक्षा विवाद की जांच कराई जा रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ राजनीति चमकाने में लगा है। सीएम सदन को संबोधित कर रहे थे और पक्ष-विपक्ष आसन के सामने एक-दूसरे पर नारेबाजी कर रहा था। हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री ने अपना संबोधन पूरा किया। सत्र एक दिन पहले संपन्न हो गया।

    मुख्यमंत्री का विधानसभा में संबोधन

    अपनी बात में बताना चाहता हूं। विपक्ष के साथियों को कुछ बात बताना चाहता हूं। 
    थोड़ा आप आनंदित भी होइए,  चिंता मत कीजिए। 
    इनको भी हमसे बहुत आशाएं हैं और राज्य की जनता को भी हमसे आशा है उसके अनुरूप हम काम भी  कर रहे हैं, लेकिन इनकी जो आशाएं हैं, इच्छाएं हैं उसको पूरा करते-करते कितना जन्म लेना पड़ेगा यह हम भी नहीं जानते हैं। निश्चित रूप से राज्य की जनता को आश्वस्त करने में हमलोग सक्षम हैं। इनकी सहारे की हमें आवश्यकता नहीं है।

    अभी विगत दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है। लेकिन कभी-कभी यह अनेक तरीके के आड़ में छुपकर बैठे रहते हैं। अलग अलग सोर्स से अपने को जीवित रखते हैं जैसे कि परजीवी जीवित रहता है।

     
    आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इनमें जो थोड़ा बहुत रास बचा हुआ है वह भी कुछ समय पर खत्म हो जाएगा। अध्यक्ष महोदय, जेपीएससी से जुड़े टीडीपीएल के द्वारा लिया गया एग्जाम के संदर्भ में सीआईडी  सीबीआई और तरह-तरह की चीजें  सदन में आ  चुकी है। और सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है।

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    क्या सही है और क्या गलत है इसको लेकर  आने वाली पीढ़ी को न पता चल पाए। विगत छह सात सालों में  इनके पास कुछ बचा नहीं था। ऐसे द्वार पर ये दौड़ चले हैं कि इनका हाथ खाली ही रहेगा। हम किन किन परीक्षाओं को रद करने जा रहे हैं और सरकार ने जो निर्णय लिया है, परीक्षाओं को जांच करने का जो आश्वासन दिया है, उससे हम छात्रों को अवगत करा चुके हैं।

    हालांकि ये मकड़जाल इनका ही बुना हुआ है। टीडीपीएल कंपनी कहां की है, यूपी के लखनऊ की है। वहां से षड्यंत्र करके यहां के नौजवानों को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया है। मुझे लगता है कि जो सरकार ने निर्णय लिये हैं रिफॉर्म का, रद करने को लेकर और जांच को लेकर बिल्कुल सरकार की मंशा स्पष्ट है और अपने कार्य में लगातार आगे बढ़ रही है।

    हम काम को आगे अंजाम तक न पहुंचा पाएं इसके लिए विपक्ष पूरी ताकत से लगा हुआ है। ये लोग हल्ला करते रहेंगे और हम अपना कार्य करते रहेंगे। इसलिए भैंस के आगे बिन बजाने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। हमे अपना काम करते जाना है।

    कल जिस तरीके से सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच में पूरा दिन का समय व्यतीत हुआ साथ ही झारखंड की प्रशासन ने जो अपनी धैर्य का परिचय दिया उसे पूरे देश ने देखा। जहां बारह महीना 144 लगा रहता हो, संवेदनशील माना जाता हो, चाहे लोक सभा हो, राज्य सभा हो, विधानसभा हो या विधान परिषद हो, उसके सीमित दायरे तक कोई नहीं आ सकता है।

    लेकिन ये हमारे विपक्ष के लोग गेरूआ वस्त्र पहनकर दुनिया की दिग्भ्रमित कर रहे हैं अब ये छात्रों का चोला पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित करने के लगे हैं। कोई बात नहीं। वो भी परत दर परत हम हटाकर रहेंगे। यह हमारा संकल्प है।

    हमारे साथ वो व्यवस्था नहीं है जिस व्यवस्था के साथ ये आज आसमान में उड़ रहे हैं। संवैधानिक व्यवस्थाओं के माध्यम से, अलग अलग संस्थाओं के दुरुपयोग के माध्यम से ये लोग सदन की मर्यादा को तार तार करते हैं।

    सीपी सिंह द्वारा सदन में नोट दिखाए जाने पर सीएम ने कहा कि एक ओर ये लोग लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ सदन की मर्यादा को तार तार करते हैं। आज तक यही भाजपा और आरएसएस के नुमाइंदे 70 साल तक तिरंगा नहीं ढोया, वही कंधे पर तिरंगा लेकर देश को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। हमारी मंशा स्पष्ट है।

    व्यापारियों के जमात से आने वाला यह समूह हरेक के जेब में नोटों के बंडल पड़े हैं और उसी नोटों के बंडल के बल पर ये लोकतंत्र को खरीदना चाहते हैं। सभी के जेब चेक किया जाय तो सभी के जेब से नोटों के बंडल मिलेगा। इनके घरों में छापा मारा जाय तो सभी के घरों में नोटों का बंडल पड़ा होगा। इनलोगों ने मंदिर तक को नहीं छोड़ा है। 

    हमलोग जितना भी परीक्षा संबंधित विवाद है उसके जांच के लिए तैयार हैं और जांच करवा भी रहे हैं। रिफॉर्म का भी काम किया जा रहा है। आंदोलनरत छात्र भी इसको मान रहे हैं। हम आईआईटी, आईआईएम सहित सभी बड़ी एजेंसियों से सलाह मशविरा कर रिफॉर्म के संबंध में  निर्णय लेने जा रहे हैं।

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