झारखंड में 15 अप्रैल से 'बैक टू स्कूल' अभियान, ड्रॉप आउट बच्चों के नामांकन पर जोर; इस दिन मनाया जाएगा 'नो बैग डे'
झारखंड में 15 अप्रैल से 'बैक टू स्कूल' अभियान शुरू होगा, जिसका लक्ष्य शत-प्रतिशत छात्र नामांकन सुनिश्चित करना है। पलामू समेत पूरे राज्य में स्कूल से ब ...और पढ़ें
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झारखंड में 15 अप्रैल से ‘बैक टू स्कूल’ अभियान शुरू। (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू समेत पूरे झारखंड में सरकारी स्कूलों में छात्रों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए 15 अप्रैल से ‘बैक टू स्कूल’ अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल से बाहर रह गए और नियमित रूप से अनुपस्थित बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ना है।
अभियान के तहत सभी स्कूलों के पोषक क्षेत्र में आउट-आफ-स्कूल और ड्रापआउट बच्चों की सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही जो बच्चे अगली कक्षा में प्रोन्नत नहीं हो सके हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें दोबारा नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मिडिल, हाई और प्लस टू स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नामांकन बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षक और प्रशासन संयुक्त रूप से अभिभावकों से संपर्क कर अनामांकित बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने का प्रयास करेंगे। अभियान का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को स्कूल से जोड़ा जा सके।
27 अप्रैल को ‘नो बैग डे’
अभियान के तहत 27 अप्रैल को जिले के सभी स्कूलों में ‘नो बैग डे’ मनाया जाएगा। इस दिन बच्चों के लिए किचन गार्डेन, बागवानी और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन होगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकित बच्चों का 29 और 30 अप्रैल को स्कूलों में विशेष स्वागत किया जाएगा। साथ ही शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों के पांच वर्ष के बच्चों का प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नजदीकी प्राथमिक स्कूलों से संपर्क कर नामांकन से वंचित बच्चों की सूची तैयार करेंगे और उन्हें स्कूल में जोड़ने का प्रयास करेंगे।
इसके अलावा छात्राओं को जल संरक्षण, जल प्रदूषण और जल बचाव जैसे विषयों पर क्विज, वाद-विवाद, स्लोगन, पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन और प्रोजेक्ट वर्क में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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