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    क्या टल जाएगी टाटा संस की एजीएम? जानिए चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट के बीच क्यों बढ़ा तनाव

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:47 PM (IST)

    टाटा संस की एजीएम से पहले टाटा ट्रस्ट ने आपात बैठक बुलाई है, जिसमें कोरम संकट, एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और कंपनी की लिस्टिंग जैसे गंभीर मुद्दों ...और पढ़ें

    नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और लिस्टिंग पर सस्पेंस के कारण बुलाई आपात बैठक।

    नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और लिस्टिंग पर सस्पेंस के कारण बुलाई आपात बैठक।

    HighLights

    1. टाटा ट्रस्ट ने 13 अगस्त को आपात बैठक बुलाई, नोएल टाटा करेंगे अध्यक्षता।

    2. कोरम संकट के कारण टाटा संस की एजीएम टलने की आशंका।

    जासं, जमशेदपुर। टाटा समूह के 100 साल से अधिक के गौरवशाली इतिहास में पहली बार उसकी मातृ संस्थाओं के बीच गंभीर रणनीतिक गतिरोध देखने को मिल रहा है। 
     
    आगामी 18 अगस्त को आयोजित होने वाली टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले, समूह की प्रमुख शेयरधारक टाटा ट्रस्ट ने 13 अगस्त को एक आपातकालीन बोर्ड बैठक बुलाई है। 
     
    नोएल टाटा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में एजीएम के कोरम संकट, चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और कंपनी की लिस्टिंग के भविष्य जैसे अति-संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
     

    सर रतन टाटा ट्रस्ट पर रोक से खड़ा हुआ कोरम संकट

    टाटा संस के नियमों के अनुसार, एजीएम की वैधानिकता और कोरम पूरा होने के लिए सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) द्वारा संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि का उपस्थित होना अनिवार्य है। 
     
    ये दोनों ट्रस्ट मिलकर टाटा संस में कुल 66 प्रतिशत की नियंत्रक हिस्सेदारी रखते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने बोर्ड संरचना से जुड़े विवाद के कारण सर रतन टाटा ट्रस्ट की बैठकों पर अंतरिम रोक लगा दी है। 
     
    इस कानूनी पेंच के कारण एजीएम के लिए प्रतिनिधि के नामांकन पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यदि 18 अगस्त तक कोरम पूरा नहीं हो पाता है, तो एजीएम को स्थगित करना पड़ेगा और मामला कंपनी रजिस्ट्रार (RoC) के समक्ष जा सकता है।
     

    चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर गहराया सस्पेंस

    एजीएम के तय एजेंडे में समूह के कार्यकारी चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को निदेशक के रूप में दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव शामिल है। अक्टूबर 2016 में बोर्ड में शामिल हुए चंद्रशेखरन रोटेशन नियमों के तहत सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

    यद्यपि चेयरमैन के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल फरवरी 2027 तक वैध है, लेकिन टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने एयर इंडिया (विमानन) और टाटा डिजिटल (ई-कॉमर्स) जैसी समूह कंपनियों के लगातार भारी घाटे और असंतोषजनक प्रदर्शन पर गंभीर आपत्ति जताई है।
     
    यही वजह है कि चंद्रशेखरन को पांच साल का नया कार्यकाल विस्तार देने के प्रस्ताव को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
     

    आईपीओ, डी-रजिस्ट्रेशन और शापूरजी पालनजी ग्रुप विवाद

    विवाद का दूसरा प्रमुख बिंदु टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (लिस्ट) करने से जुड़ा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने टाटा संस को अपर-लेयर NBFC की श्रेणी में रखा है, जिसके नियमानुसार कंपनी की लिस्टिंग अनिवार्य है।

    हालांकि, नोएल टाटा लिस्टिंग के सख्त खिलाफ हैं और चाहते हैं कि कंपनी प्राइवेट ही बनी रहे, जिसके लिए डी-रजिस्ट्रेशन की अर्जी भी दी गई है। 
     
    दूसरी ओर, 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला शापूरजी पालनजी (SP) ग्रुप और कुछ ट्रस्टी आईपीओ (IPO) के जरिए बाहर निकलने (एग्जिट) का समर्थन कर रहे हैं। 13 अगस्त को होने वाली यह आपात बैठक टाटा संस के भविष्य की नई दिशा तय करेगी।

    यह भी जानें

    •     आपात बैठक: 13 अगस्त को नोएल टाटा की अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट की विशेष बैठक।
    •     कोरम पेंच: चैरिटी कमिश्नर की रोक के कारण SRTT प्रतिनिधि नामांकित करने में असमर्थ।
    •     परफॉर्मेंस समीक्षा: एयर इंडिया व टाटा डिजिटल के घाटे के कारण चंद्रशेखरन के विस्तार पर रोक।
    •     लिस्टिंग का भविष्य:RBI के नियम बनाम टाटा ट्रस्ट की प्राइवेट बने रहने की मंशा।

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