ट्रेन से आए बराती; बैलगाड़ी से पहुंचे दूल्हे राजा, शिबू सोरेन और Rupi Soren की शादी की आंखोंदेखी
Dishom Guru Historic Wedding: रूबी सोरेन के निधन के बाद, उनकी और शिबू सोरेन की 1962 में हुई ऐतिहासिक शादी ...और पढ़ें

दिशोम गुरु और रूपी सोरेन की शादी से जुड़ा यादगार लम्हा, जो आज भी चांडिल के धादकीडीह गांव के बुजुर्गों की स्मृतियों में ताजा है।
HighLights
रूबी सोरेन और शिबू सोरेन का 1962 में हुआ था विवाह।
शादी चांडिल के धादकीडीह गांव में आदिवासी परंपरा से हुई।
बराती ट्रेन से आए, दूल्हा बैलगाड़ी से पहुंचा था।
दिलीप कुमार, चांडिल। Dishom Guru Shibu Soren And Roopi Soren Historic Wedding: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और पूर्व मुख्यमंत्री 'पद्म भूषण' दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन के बाद पूरा राज्य सदमे में है।
1962 में आदिवासी परंपरा और सादगी से हुआ था विवाह
ट्रेन और बैलगाड़ी से पहुंचे थे बराती
3 रुपये और 3 कपड़े था 'पोन'
धादकीडीह में हुआ था दुर्गा व बसंत सोरेन का जन्म
आदिवासी परंपरा में दूल्हा पक्ष दहेज लेने के बजाय दुल्हन पक्ष को पोन के रूप में नकद और वस्त्र देता है। इसका मकसद आर्थिक लेन-देन नहीं, बल्कि दो परिवारों के संबंध को सामाजिक सम्मान और स्वीकृति देना है।
श्यामल मार्डी, जिला सचिव, माझी पारगाना महाल
