दुमका का चैकडैम बना मरघट: पानी की धार में समा चुकीं 18 दोस्तों की जान, रील बनाने और मौज-मस्ती में हुई मौतें
दुमका में रील बनाने के दौरान चेकडैम में दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई, जिसने पानी में डूबे ...और पढ़ें

दुमका के डैम में मौत के बाद जुटी भीड़। फोटो जागरण
HighLights
रील बनाने के दौरान दुमका में दो दोस्तों की मौत।
पानी में डूबने से दर्जनों युवाओं की जान गई।
युवाओं द्वारा पुरानी घटनाओं से सबक न लेना चिंताजनक।
जागरण संवाददाता, दुमका। हंसडीहा के हथगढ़ में चेकडैम में छह सितंबर को रील बनाने के लिए तेज धार में उतरे दो दोस्त पांडव और रमण की डूब जाने से मौत हो गई।
इस घटना ने सभी को द्रवित कर दिया। दोस्तों की मौत ने उन पुरानी कई बड़ी घटनाओं की याद ताजा कर दी, जिनका दर्द आज भी परिवार के लिए सह रहे हैं।
बड़ी घटनाओं में डेढ़ दर्जन से अधिक युवा पानी में मस्ती की चाह में अपनी हस्ती मिटा चुके हैं। इसके बाद भी युवा पुरानी घटनाओं से सबक नहीं ले पा रहे हैं।
रील बनाने में चली गई जान
सोशल मीडिया पर रील बनाने और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती का शौक रविवार यानी छह सितंबर को तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया। चेकडैम की तेज धार के बीच में उतरे दो किशोर देखते ही देखते डूब गए।
तीनों दोस्त धोबई नदी के चेकडैम पर घूमने और रील बनाने के उद्देश्य से पहुंचे थे। नदी में पानी का बहाव तेज था। इसके बावजूद तीनों पानी में उतर गए। अचानक दो किशोर पांडव और रमन गहरे पानी में डूब गए।
तीसरे दोस्त ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उतरकर दोनों दोस्तों की की तलाश शुरू की। करीब चार घंटे बाद दोनों दोस्त का शव मिला।
मिनी गाेवा में एक साथ समाए चार दोस्त
28 अगस्त 25 को शहर के चार दोस्त हरिपुर स्थित मिनी गोवा में मस्ती करने के लिए गए थे। चारों मयूराक्षी नदी में पानी का आनंद ले रहे थे। इसी क्रम में कृष्णा सिंह डूब गया तो उसे बचाने के लिए आर्यन ठाकुर, कृष व आर्यन कुमार भी करीब पहुंच गए।
जिस जगह पर कृष्णा डूबा, वहां पर पानी की गहराई करीब 20 फुट थी। तीनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन दोस्त को बचा नहीं सके। गहराई में चले जाने से कृष्णा के अलावा उसके तीनों दोस्त की मौत हो गई। सभी की उम्र 16 से 17 साल के बीच थी।
तालाब में डूबने से दो बालक की मौत
सात जुलाई 24 को हंसडीहा के पगवारा पहाड़ के समीप तालाब में नहाने के क्रम में 12 साल के अंकित भारती व आदित्य संजीत की मौत की हो गई।
दोनों स्थानीय माउंट एसीसी स्कूल के छात्र थे और रविवार को अवकाश होने की वजह से नहाने के लिए चले गए। बारिश की वजह से तालाब पूरा भरा था और छात्रों को गहराई का अंदाजा नहीं लगा। बाद में दोनों के शव मिले।
तीन बच्ची समेत चार की मौत
13 अगस्त 23 को सरैयाहाट प्रखंड के पथरिया गांव में तालाब में नहाने के दौरान गहरे पानी में चल जाने से दस साल के कुंदन कुमार, रेखा कुमारी, ज्ञान गंगा और नंदनी कुमारी की मौत हो गई थी।
सभी दोपहर को नहाने के लिए गए थे। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने की वजह से तालाब में समा गए। बाद में उनका शव मिला।
मां सहित दो बच्चों की मौत
13 अगस्त 21 को हंसडीहा के अलुबेड़ा गांव में नहाने के क्रम में सात साल का विमल मुर्मू और छह साल का राजकुमार हेंब्रम तालाब में डूूब गए।
पास खड़ी मां सूरजमणि ने बेटों को बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन उसकी जान भी चली गई। महिला का शव उसी दिन और बेटों का शव अगले दिन मिला।
मिनी गोवा में एक साथ छह दोस्त की मौत
मिनी गोवा के नाम से मशहूर हरिपुर-बांदो रमणीक होने के कारण बड़ी लोग यहां मस्ती के ख्याल से आते हैं। वर्ष 2016 में इसी मिनी गोवा क्षेत्र में नहाने गए छह छात्र डूब गए थे। सभी शहर के एक निजी विद्यालय के छात्र थे और नहाने व मौज मस्ती करने के लिए पानी में उतर गए।
बारिश की वजह से नदी में काफी पानी था और सभी उसकी तेज धार में बह गए। चार शव उसी दिन और एक शव दूसरे दिन मिला। एक छात्र का आज तक शव नहीं मिला।
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