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देवघर: जमीन अधिग्रहण और रेलवे की NOC का पेंच, सुग्गापहाड़ी में डेढ़ साल से रुका है फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:00 AM (IST)

मधुपुर-गिरिडीह मार्ग पर सुग्गापहाड़ी के पास बन रहे फ्लाईओवर का काम भूमि अधिग्रहण और रेलवे की अनुमति न मिलने के कारण डेढ़ साल से रुका हुआ है।

फ्लाई ओवर का निर्माण ठप। (जागरण)

 फ्लाई ओवर का निर्माण ठप। (जागरण)

HighLights

  1. मधुपुर-गिरिडीह मार्ग पर फ्लाईओवर का काम डेढ़ साल से रुका है।

  2. भूमि अधिग्रहण और रेलवे की अनुमति न मिलने से देरी हुई।

  3. सभी अड़चनें दूर होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

अजय तिवारी, मधुपुर (देवघर)। मधुपुर-गिरिडीह मार्ग एनएच 114 ए पर सुग्गापहाड़ी गांव के पास चार नंबर रेलवे फाटक पर बन रहे फ्लाई ओवर का काम लंबे समय से अधूरा है।

भूमि अधिग्रहण व रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच आपसी समन्वय की कमी के कारण कुछ काम भी बंद है। करोड़ों की राशि खर्च के बाद भी फ्लाई ओवर पूरा नहीं हो पाया है। फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण जिस मकसद से कराया गया वह पूरा नहीं हो रहा है।

बड़ा कारण जमीन अधिग्रहण

मधुपुर - गिरिडीह रेल मार्ग सुग्गापहाड़ी अड़रिया पहाड़ी गांव निकट चार नंबर रेलवे फाटक पर गिरिडीह मधुपुर को जोड़ने वाली एनएच रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है।

फ्लाईओवर के दोनों तरफ एप्रोच रोड (सड़क) और पिलर निर्माण का शुरुआती काम तेजी से हुआ। लेकिन मुख्य हिस्से (रेलवे ट्रैक के ऊपर के स्पैन) और जोड़ने वाली सड़कों का लगभग 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है।

पिछले एक से डेढ़ साल से निर्माण स्थल पर कोई बड़ी प्रगति नहीं है और काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। एजेंसी का कहना है कि उन्हें जमीन मुहैया नहीं कराया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें मजबूरी में काम बंद करना पड़ा।

रेलवे लाइन के उपर गार्डर नहीं चढ़ाया गया है। रेलवे लाइन किनारे बनाए गए पिलर पर विवाद बताया जाता है। दूसरा कारण बताया जाता है कि मधुपुर में लगभग 14 किलोमीटर लंबा बायपास का निर्माण होना है।

ताकि भारी वाहनों को शहर और बाजारों के जाम से बचाया जा सके। नए बायपास एलाइनमेंट के कारण इस क्षेत्र के पुराने योजना निर्माण कार्य की डिजाइन की समीक्षा की जा रही है । यह भी एक कारण बताया जाता है।

प्रशासनिक क्लीयरेंस

रेलवे ट्रैक के ऊपर गार्डर रखने और ब्लाक लेने के लिए रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के बीच सुरक्षा मानकों को लेकर तकनीकी तालमेल और अंतिम स्वीकृतियां अटकी हुई हैं।

फ्लाईओवर के एप्रोच रोड के दायरे में आने वाली कुछ जमीनों के अधिग्रहण, रैयतों (जमीन मालिकों) के मुआवजे की फाइलों और प्रशासनिक क्लियरेंस में देरी के कारण कंपनी ने काम रोक दिया गया।

वर्तमान में मधुपुर-गिरिडीह रेल मार्ग पर नवाब मोड़ के पास नया रेलवे स्टेशन (नया मधुपुर स्टेशन) और बाईपास रेल परियोजना का काम भी चल रहा है।

जिसके कारण धमना रेलवे फाटक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर का काम शुरू नहीं किया गया। कारण कि केंद्र सरकार द्वारा फोरलेन की टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इस रुके हुए फ्लाईओवर और एप्रोच रोड के काम को भी नए सिरे से री-डिजाइन कर तेजी से पूरा करने की योजना है। इसके बाद इसका काम शुरू होगा।

रेलवे का अड़चन, जमीन अधिग्रहण का पेंच

कार्यपालक अभियंता एनएचए 114 A धनबाद दिलीप साह ने बताया कि सुग्गापहाड़ी चार नंबर रेलवे पर रेलवे गेट के पास निर्माणधीन फ्लाई ओवर ब्रिज का काम बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

इसमें अड़चन रेलवे की तरफ से है। रेलवे की तरफ से अनुमति नहीं मिली है। निर्माण कार्य एजेंसी के द्वारा रेलवे ट्रैक के ऊपर गाडर-स्पेन चढ़ाने के लिए रेलवे से अनुमति लेना पड़ता है।

जिसके लिए संवेदक रेलवे को आवेदन दिया है। अनुमति मिलने पर काम शुरू किया जाएगा। थोड़ा बहुत जमीन अधिग्रहण का मामला पेंच में फंसा हुआ है। वह भी ठीक हो जाएगा।

वहीं, धमना फतेहपुर 20 नंबर रेलवे फाटक पर बनने वाले फ्लाईओवर ब्रिज के लिए नया डीपीआर धनबाद एनएचआई के द्वारा तैयार किया जा रहा है।

जसीडीह गिरिडीह बाईपास रेलवे नई परियोजना के तहत अतिरिक्त नई रेल लाइन बिछाए जाने से काम बढ़ गया है। जिसके कारण नई डीपीआर बनने के बाद ही काम शुरू होगा। वहीं, जगदीशपुर रेलवे फाटक के पास में निर्माणाधीण फ्लाईओवर का काम चल रहा है। इसमें कोई रुकावट नहीं है।

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