शादी के 3 महीने बाद भी नहीं मिली मदद, इंतजार में 12000 बेटियां; जम्मू-कश्मीर की विवाह सहायता योजना पर सवाल
जम्मू-कश्मीर की विवाह सहायता योजना में भुगतान में देरी से हजारों लाभार्थी परेशान हैं। 12,777 से अधिक परिवारों को शादी ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर विवाह सहायता योजना के तहत भुगतान का इंतजार कर रहे लाभार्थी।
HighLights
12777 लाभार्थी जम्मू-कश्मीर विवाह सहायता योजना के तहत भुगतान का इंतजार कर रहे
70.08 करोड़ रुपये के बिल अक्टूबर 2025 से ट्रेजरी में लंबित।
सरकारी दिशानिर्देश शादी से पहले सहायता देने पर जोर देते हैं।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। शादी के लिए कर्ज लेने वाले एक परिवार को उम्मीद थी कि सरकार की आर्थिक मदद से उसकी परेशानी कुछ कम होगी। लेकिन शादी के तीन महीने बाद भी एक बेटी के परिवार को सहायता राशि नहीं मिली है।
जम्मू-कश्मीर की विवाह सहायता योजना के तहत भुगतान का इंतजार कर रहे परिवार की यह परेशानी अकेली नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 में 12777 लाभार्थियों को सहायता मंजूर होने के बावजूद भुगतान का इंतजार था।
वहीं, 70.08 करोड़ रुपये के बिल अक्टूबर 2025 से ट्रेजरी में लंबित बताए गए। विधानसभा में पेश सरकारी आंकड़ों ने भी इस गंभीर समस्या को उजागर किया।
कश्मीर के एक गरीब परिवार ने सरकारी सहायता न मिलने के कारण पेश आ रही दिक्कतों को उजागर किया।
पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बात करते हुए हीना (बदला हुआ नाम) के भाई ने बताया कि परिवार ने सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद में बहन की शादी के खर्च का इंतजाम करने के लिए पैसे उधार लिए थे। पिता का पहले ही निधन हो चुका है और मां भी गृहिणी हैं।
परिवार में कमाई का एकमात्र सहारा इकलौता में ही हूं। दिहाड़ी मजदूरी कर ही परिवार का पालन हो पाता है। आमदनी भी नियमित नहीं है। ऐसे में शादी के खर्च के लिए लिया गया कर्ज परिवार पर आर्थिक बोझ बना हुआ है। राशि कब तक मंजूर होगी इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
शादी के बाद मंजूर हुई सहायता, 74 से 171 दिन का अंतर
सरकारी जनसुगम पोर्टल पर उपलब्ध स्वीकृति रिकॉर्ड भी योजना के तहत सहायता मंजूर होने में लगने वाले समय पर सवाल उठाते हैं। शोपियां जिले की एक लाभार्थी की शादी 27 दिसंबर 2024 को हुई थी, जबकि 50 हजार रुपये की सहायता 16 जून 2025 को मंजूर की गई। यानी शादी और मंजूरी के बीच 171 दिन का अंतर रहा।
इसी तरह, कुलगाम जिले की एक लाभार्थी की शादी 12 अप्रैल 2025 को हुई और 50 हजार रुपये की सहायता 25 जून 2025 को मंजूर हुई। इस मामले में मंजूरी शादी के 74 दिन बाद मिली। हालांकि, इन रिकॉर्ड से यह स्पष्ट नहीं होता कि देरी आवेदन की जांच, सत्यापन, मंजूरी या भुगतान के स्तर पर हुई।
नियम शादी से पहले मदद देने पर जोर देते हैं
सरकारी आदेश संख्या 49-जेके(एसडब्ल्यूडी), दिनांक 22 मार्च 2022 के मुताबिक, पात्र आवेदकों को प्रस्तावित शादी से कम से कम एक महीने पहले आवेदन करना होता है। आदेश में उपायुक्तों को सत्यापित आवेदन हर पखवाड़े आगे भेजने के निर्देश भी हैं, ताकि शादी से पहले सहायता जारी की जा सके।
जनसुगम पोर्टल पर इस सेवा के लिए सरकारी छुट्टियों को छोड़कर 30 कार्यदिवस की समयसीमा निर्धारित है। योजना के तहत अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता वाले परिवार (पीएचएच) श्रेणियों में आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पात्र महिलाओं को निर्धारित शर्तों के अधीन एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।
3 फरवरी 2026 को विधानसभा में दिए लिखित जवाब के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में 31524 लाभार्थियों को 163.93 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं, 12777 लाभार्थियों की सहायता मंजूर होने के बावजूद भुगतान बाकी था। सरकार ने बताया कि 70.08 करोड़ रुपये के बिल अक्टूबर 2025 से ट्रेजरी में लंबित थे।
समाज कल्याण विभाग ने अपनी ओर से अनुचित देरी से इनकार करते हुए बकाया भुगतान के लिए ट्रेजरी की प्रक्रिया को जिम्मेदार बताया। आंकड़ों के अनुसार, भुगतान प्राप्त कर चुके और सहायता मंजूर होने वाले कुल 44301 लाभार्थियों में से लगभग 28.8 प्रतिशत भुगतान का इंतजार कर रहे थे।
मंजूरी के इंतजार में ट्रेजरी में पड़े रहते हैं बिल
20 फरवरी को विधानसभा में दिए एक अन्य लिखित जवाब में सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 44301 लाभार्थियों के संबंध में 234 करोड़ रुपये का आंकड़ा पेश किया। इसमें ट्रेजरी की मंजूरी के इंतजार में पड़े 70.08 करोड़ रुपये के बिल भी शामिल थे, जो बताई गई कुल राशि का करीब 30 प्रतिशत है।
इससे स्पष्ट होता है कि योजना के तहत दर्ज कुल राशि में वह सहायता भी शामिल थी, जिसका भुगतान पूरा नहीं हुआ था। हालांकि, फरवरी में दिए गए दोनों जवाबों से यह पता नहीं चलता कि उसके बाद कितने लंबित मामलों में राशि जारी की गई।
सरकार के मुताबिक, 2023-24 और 2024-25 में प्रत्येक वर्ष 26 हजार लाभार्थियों को योजना के तहत कवर किया गया और हर साल 130 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। वहीं 2025-26 के जिला-वार आंकड़ों में अनंतनाग के 4308, बडगाम के 4255, बारामूला के 3855, कुपवाड़ा के 3426 और श्रीनगर के 2504 लाभार्थी शामिल थे।
हालांकि विधानसभा के जवाबों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कितने लाभार्थियों को शादी से पहले सहायता मिली, कितनों को शादी के बाद भुगतान किया गया और कितने अब भी राशि का इंतजार कर रहे हैं।
गरीब व जरूरत मंद बेटियों की शादी के लिए शुरू की गई विवाह सहायता योजना को पूरी तरह से क्रियान्वित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही यह योजना नियम के अनुरूप सहायता प्रदान करेगी।
जिन परिवारों को अभी तक राशि जारी नहीं की गई है। उन्हें जल्द से जल्द सहायता प्रदान करने के निर्देश पहले ही दे दिए गए हैं। भविष्य में जरूरतमंद परिवार काे शादी से पहले ही आर्थिक सहायता पहुंचे इसका पूरा प्रयास रहेगा।
