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PMSSSS योजना की रफ्तार तेज, J&K और लद्दाख के 4,715 छात्रों को मिली PM छात्रवृत्ति; लक्ष्य के करीब जम्मू-कश्मीर

Published: Tue, 13 Oct 2026 07:36 AM (IST)

प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना (PMSSS) के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 4,715 छात्रवृत्तियां आवंटित, 5,000 के लक्ष्य के करीब

  2. पिछले सत्र से 31.5% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज

  3. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर

राज्य ब्यूरो,जम्मू। प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएसएस) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल रहे हैं।

चालू सत्र में अब तक 5,000 के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 4,715 छात्रवृत्तियां आवंटित की जा चुकी हैं। इस तरह लक्ष्य का 94.3 प्रतिशत हासिल हो गया है। पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में यह 31.5 प्रतिशत की वृद्धि है।

पीएमएसएसएस की शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2011-12 में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक सहायता के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदेश से बाहर प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर देना, उनके कौशल को विकसित करना और रोजगार की संभावनाएं बढ़ाना है।

1,894 छात्रवृतियां की गई आवंटित

बाद में योजना में बदलाव कर इसे अधिक विद्यार्थी-अनुकूल बनाया गया तथा इसका दायरा जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख के विद्यार्थियों तक भी विस्तारित हुआ। चालू सत्र में सामान्य डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित 2,070 छात्रवृत्तियों में से 1,894 आवंटित की गई हैं।

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 2,830 के लक्ष्य के मुकाबले 2,741 छात्रवृत्तियां दी गई हैं। वहीं, मेडिकल और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित 100 छात्रवृत्तियों में से 80 आवंटित हो चुकी हैं।

छात्रवृति में हुआ है इजाफा

पिछले तीन सत्रों के आंकड़ों से भी इस बार की प्रगति स्पष्ट होती है। वर्ष 2023-24 में 3,627, 2024-25 में 3,674 और 2025-26 में 3,585 विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियां मिली थीं। इसके मुकाबले चालू सत्र में अब तक 4,715 छात्रवृत्तियों का आवंटन हुआ है, जो पिछले सत्र से 1,130 अधिक है।

आर्थिक सहायता से शिक्षा तक पहुंच

योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को शैक्षणिक शुल्क के साथ हास्टल, भोजन, किताबों और अन्य जरूरी खर्चों के लिए निर्धारित सीमा तक आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे आर्थिक बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाले विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों के संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलता है।

जम्मू-कश्मीर सरकार का उच्च शिक्षा विभाग पंजीकरण, काउंसलिंग, सुविधा केंद्रों और दस्तावेज सत्यापन के जरिए योजना के क्रियान्वयन में समन्वय कर रहा है। विभागीय समीक्षा व्यवस्था भी पात्र विद्यार्थियों तक लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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