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'PoK के हालात बताते हैं कि 1947 में हमने सही रास्ता चुना', स्वतंत्रता दिवस पर बोले CM उमर

Updated: Sat, 15 Aug 2026 11:49 AM (IST)

स्वतंत्रता दिवस पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि PoJK के मौजूदा हालात साबित करते हैं कि 1947 में कश्मीर का भारत के साथ रहने का फैसला सही था।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (एजेंसी)

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (एजेंसी)

HighLights

  1. उमर अब्दुल्ला ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी

  2. PoJK के हालात 1947 में भारत से जुड़ने के फैसले को सही बताते हैं

  3. स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए श्रीनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की आजादी में कश्मीरियों के योगदान को याद किया। श्रीनगर में मौजूद बलिदान स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मौजूदा हालात यह साबित करते हैं कि 80 साल पहले हमारे नेताओं और पूर्वजों का फैसला बिल्कुल सही था।

'हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं तैयार'

उमर अब्दुल्ला ने अपने दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का जिक्र करते हुए इनके संघर्ष का महत्व बताया और श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में जब पाकिस्तानी फौज और कबाइलियों ने हमला किया था, तब भारतीय सेना के पहुंचने से पहले कश्मीर के आम लोगों ने उनका मुकाबला किया था।

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सीएम ने "उस समय 'हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं तैयार' का नारा गूंजता था। जिनके पास हथियार थे उन्होंने गोलियां चलाईं और जिनके पास नहीं थे, उन्होंने लकड़ी की नकली बंदूकों से मुकाबला किया और अपनी कुर्बानियां दीं।''

मुजफ्फराबाद में मास्टर अब्दुल अजीज की बेरहमी से हत्या की गई थी। आज गुलाम जम्मू-कश्मीर (POJK) के हालात देखकर साफ होता है कि कबाइलियों को रोकने वाले हमारे पूर्वज सही थे।

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कश्मीर में सुरक्षा चाक-चौबंद

स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर श्रीनगर सहित पूरे कश्मीर में सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में होने वाले मुख्य समारोह की सुरक्षा की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में है।

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हाई अलर्ट पर चौकियां

पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने लाल चौक सहित संवेदनशील इलाकों और प्रवेश द्वारों पर अचानक चेकिंग और तलाशी अभियान बढ़ा दिया है। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF), सीआरपीएफ (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

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(समाचार एजेंसी एएनआई के साथ)