अंकों से नहीं टैलेंट से परखी जाएगी छात्रों की प्रतिभा, जम्मू के स्कूलों में शुरू हुआ 'समग्र प्रगति कार्ड' सिस्टम
जम्मू के स्कूलों में अब छात्रों की प्रतिभा का आकलन केवल अंकों से नहीं, बल्कि उनकी समझ, तार्किक क्षमता और रचनात्मकता के आधार पर 'समग्र प्रगति कार्ड' प्रणाली से होगा।
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जम्मू के स्कूलों में समग्र प्रगति कार्ड सिस्टम लागू।
HighLights
छात्रों की प्रतिभा का आकलन अब टैलेंट और समझ से
जम्मू के स्कूलों में 'समग्र प्रगति कार्ड' प्रणाली लागू
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत मूल्यांकन में बड़ा बदलाव
राज्य ब्यूरो, जम्मू। स्कूलों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन अब केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित रखने के बजाय उनकी समझ, तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और सीखे गए ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग के आधार पर करने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी बदलाव को प्रभावी बनाने के लिए जम्मू में समग्र प्रगति कार्ड (एचपीसी) और दक्षता आधारित मूल्यांकन पर दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम शुरू हुआ।
विद्यार्थियों के टैलेंट को परखा जाएगा
इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सर्वेक्षण में सामने आई सीखने संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए स्कूलों की मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।
किसान केंद्र, तालाब तिल्लो में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा आयुक्त सचिव राम निवास शर्मा ने की। स्कूल शिक्षा जम्मू के निदेशक एवं एससीईआरटी के निदेशक डा नसीम जावेद चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जम्मू संभाग के मुख्य शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों और क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।
रटना नहीं समझना जरूरी है
राम निवास शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप रटकर सीखने और परीक्षा-केंद्रित पढ़ाई की प्रवृत्ति से आगे बढ़ना जरूरी है। विद्यार्थियों में विषयों की गहरी समझ, आलोचनात्मक चिंतन और ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने शैक्षणिक सुधारों के क्रियान्वयन में शिक्षा अधिकारियों और संस्थान प्रमुखों की सामूहिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया।
डानसीम जावेद चौधरी ने सीखने के स्तर में सुधार के लिए व्यवस्थित शैक्षणिक नियोजन, शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आवश्यक हस्तक्षेप करने पर जोर दिया।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, समग्र प्रगति कार्ड, डिजिटल एचपीसी, मूल्यांकन सुधार और राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर चर्चा हुई। एससीईआरटी ने इस अवसर पर संवाद, एनईपी-2020 क्रियान्वयन संकलन और टैलेंट एक्सीलरेशन प्रोग्राम (टीएपी) प्रस्तुत किए।
डीआईकेएसएचए मंच पर ‘मनस्पर्श-2026’ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता प्रश्नोत्तरी भी शुरू की गई। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए मोहम्मद अयाज रैना और कुलदीप गुप्ता को सम्मानित किया गया।
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