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सत्य निकेतन हादसा: मौत को मात दे जिंदा निकला जम्मू का लाल, सिर और कंधे पर आईं गंभीर चोटें; मिली एम्स से छुट्टी

Published: Wed, 09 Sep 2026 10:37 AM (IST)

दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने के 55 घंटे बाद जम्मू के नितिश चिब को अस्पताल से छुट्टी मिलने पर उसके परिवार को राहत मिली।

दिल्ली PG हादसे में घायल हुए नितिश को मिली एम्स से छुट्टी।

दिल्ली PG हादसे में घायल हुए नितिश को मिली एम्स से छुट्टी।

HighLights

  1. नितिश चिब 55 घंटे बाद दिल्ली अस्पताल से डिस्चार्ज

  2. जम्मू के परिवार को बेटे के सुरक्षित होने से मिली राहत

  3. सत्य निकेतन पीजी हादसे में नितिश को आई थी चोटें

जागरण संवाददाता,जम्मू। दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने के हादसे के करीब 55 घंटों बाद जम्मू के रायुपर सतवारी के चिब परिवार पर छाए गमों के बादल छटे तो जिंदगी पटरी पर लौटती नजर आई।

परिवार का बेटा नितिश चिब रविवार दोपहर 1:30 बजे गिरी पांच मंजिला पीजी की इमारत के मलबे में फंस गया था, जिसे उसके सीनियर्स और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत से बाहर निकाला था।

नितिश चिब को मंगलवार शाम दिल्ली के एम्स के ट्रामा अस्पताल से जैसे ही छुट्टी मिलने की खबर परिवार को मिली तो रविवार दोपहर से बेसुध पड़े स्वजनों की जान में जान आई।

उन्हें विश्वास हुआ कि उनका बेटा अब खतरे से बाहर है और वीरवार सुबह वह घर पहुंच जाएगा। इससे पूर्व रविवार दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही उन्हें खबर मिली थी कि नितिश जिस पीजी में ठहरा था, वह इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिर गई है तो पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई थी।

मां सीमा देवी पागल सी हो गई थी। बिलखते हुए कभी एक तो कभी दूसरे को मेरे बेटे को बचाओ..., मुझे उसके पास जल्दी पहुंचाओ, हवाई जहाज की टिकटें करवाओ और पता नहीं क्या-क्या कर और बोल रही थी।

वहीं, 85 वर्षीय दादी निर्जला देवी भी समझ नहीं पा रही थी कि जिंदगी के इस पड़ाव में इस खौफनाक मंजर का कैसे सामना करे। पिता पवन सिंह हौसला रखने का नाटक तो कर रहे थे, लेकिन चेहरे से दर्द साफ झलक रहा था।

ताए-चाचे सब एकत्र हुए। उनके बेटे भागते हुए टिकट करवा कर फौरन एयरपोर्ट की तरफ भागे। कोई टाइम बर्बाद नहीं करना चाहता था।

रविवार रात को ही दिल्ली पहुंच गए थे मां सहित अन्य स्वजन

नितिश की मां सीमा देवी, बहन पल्लवी चिब, चेचरे भाई रोहित चिब, अनिल चिब, कुलबिंद्र चिब व नीरज चिब के साथ रविवार रात को ही दिल्ली पहुंच गए और पल-पल की खबर परिवार को देते रहे।

बावजूद इसके सभी को नितिश के अस्पताल से छुट्टी होने का इंतजार था। पिता पवन चिब की सेहत पहले से ही खराब थी। इस घटना ने उन्हें और झकझोर दिया। नितिश की दादी निर्जला देवी तो हर घड़ी अपने पौते के लिए दुआएं मांग रही थी।

छुट्टी मिलने की खबर के बाद लौटने लगी रौनक

परिवार में गम का माहौल था। हर कोई मुश्किल की इस घड़ी में परिवार का दुख बांटने घर में पहुंच रहा था। मंगलवार शाम को जैसे ही पता चला कि नितिश को छुट्टी मिलने जा रही है और बुधवार को वह दिल्ली से जम्मू के लिए निकल जाएगा तो परिवार में रौनक लौटने लगी।

बीकाम कर रहा है नितिश

19 वर्षीय नितिश चिब दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले मोती लाल नेहरू कालेज से बीकाम कर रहा है। उसने पिछले वर्ष ही होस्टल हेज में पीजी लिया था। तब पीजी को रंग-रोगन कर खूब चमकाया गया था।

किसे पता था कि यह पीजी कइयों की जान लील लेगा। नितिश भी इस झकझोर देने वाले मंजर को भूल नहीं पा रहा और घबराया सा हुआ है। उसके सिर, कंधे व शरीर के कुछ अन्य हिस्सों को भीतरी चोटें आई हैं। नितिश को डाक्टरों ने आराम करने को कहा है।

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