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    हिमाचल के सरकारी स्कूलों में कैसे आए शिक्षा में गुणवत्ता, शिक्षकों के 4956 पद रिक्त; भर्तियां भी लटकी

    By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 11 Aug 2026 06:35 AM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य, टीजीटी और प्रवक्ता के कुल 4956 पद खाली हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार गुणवत ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. हिमाचल के स्कूलों में 4956 शिक्षकों के पद खाली।

    2. टीजीटी के 1185, पीजीटी के 3378 पद रिक्त।

    3. प्रधानाचार्यों के 393 पद भी खाली, शिमला में सर्वाधिक।

    अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणवत्ता के दावे कर रही है। दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हुए हैं। हर श्रेणी में शिक्षकों की कमी चल रही है। जेबीटी शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने युक्तिकरण की प्रक्रिया को अपनाया है। दूसरी तरफ टीजीटी, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यों इन तीन कैडर के ही 4956 पद खाली हैं। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 16,730 स्वीकृत पदों में से 15,078 पद भरे हुए हैं, जबकि 1,185 रिक्त पद शेष हैं।

    विभाग में स्ट्रीमवार स्थिति देखें तो टीजीटी आर्ट्स स्ट्रीम में सबसे अधिक 653 पद रिक्त हैं। आर्ट्स में कुल 8,493 स्वीकृत पद हैं। वहीं टीजीटी नान मेडिकल स्ट्रीम में 5,170 स्वीकृत पदों में से 298 पद खाली हैं। टीजीटी मेडिकल में 3,067 स्वीकृत पदों में 234 पद रिक्त हैं। 

    प्रधानाचार्यों के 393 पद खाली

    स्कूल प्रधानाचार्यों के पदों पर भी बड़ी संख्या में रिक्तियां सामने आई हैं। प्रधानाचार्य (स्कूल) के कुल 393 पद रिक्त हैं। सबसे अधिक शिमला में 91 पद खाली है। इसके बाद सिरमौर में 54, चंबा में 46, मंडी में 28 और कांगड़ा में 19 पद रिक्त हैं। कुल्लू में 17, लाहुल-स्पीति में 16, किन्नौर में 12, सोलन में दो, बिलासपुर में दो, हमीरपुर में दो और ऊना में एक प्रधानाचार्य पद रिक्त है। इसके अतिरिक्त 112 पदों से संबंधित अन्य जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। 

    पीजीटी के 3,378 पद खाली, आइपी में सबसे ज्यादा संकट

    शिक्षा विभाग में प्रवक्ता यानी पीजीटी के पदों की स्थिति और भी गंभीर है। पीजीटी के कुल 3,378 पद रिक्त हैं। इनमें सबसे अधिक इन्फार्मेटिक्स प्रैक्टिस (आइपी) के 984 पद खाली हैं। वाणिज्य के 330, राजनीति शास्त्र के 321, हिंदी के 285, अंग्रेजी के 271 और इतिहास के 245 पद रिक्त हैं। अर्थशास्त्र के 211, गणित के 142, जीवविज्ञान के 135, रसायन विज्ञान के 132 और भौतिक विज्ञान के 100 पद खाली हैं। संस्कृत के 84, भूगोल के 52, समाजशास्त्र के 33, संगीत के 31, गृह विज्ञान के 10, लोक प्रशासन के नौ और मनोविज्ञान के तीन पद रिक्त बताए गए हैं।

    पद खाली, फिर भी पीटीआर रेशो में देशभर में बेहतर

    स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली है, बावजूद इसके छात्र शिक्षक अनुपात (पीटीआर) में हिमाचल की स्थिति राष्ट्रीय औसत से भी अच्छी है। हिमाचल का छात्र शिक्षक अनुपात मात्र 14 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 24 है।

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    पदोन्नति की प्रक्रिया जल्द पूरी करे सरकार : विजय हीर

    टीजीटी कला संघ के महासचिव विजय हीर ने कहा कि सरकार पदोन्नति की प्रक्रिया को जल्द शुरू करे। पदोन्नति से ही आधे से ज्यादा पद भर जाएंगे। शिक्षकों को पूल में रखने के बजाय उन्हें स्कूलों में तैनात किया जाए।

    शिक्षकों के खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। प्रधानाचार्य के पद पदोन्नति से ही भरे जाएंगे इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। टीजीटी व प्रवक्ताओं के पदों की प्रक्रिया जारी है।
    -रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश।

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