भूस्खलन के बाद 7 गांवों से कटा संपर्क, जमींदोज होने की कगार पर 50 आशियाने; हिमाचल में जिंदगियों पर मंडराया खतरा
कुल्लू और चंबा जिलों में भूस्खलन से कई गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे 2500 से अधिक लोग प्रभावित हुए और 50 परिवारों के घर खतरे में हैं। ...और पढ़ें

हिमाचल में जिंदगियों पर मंडरा रहा खतरा (जागरण फाइल)
HighLights
कुल्लू-चंबा में भूस्खलन से कई गांवों का संपर्क कटा
50 परिवारों के आशियानों पर मंडरा रहा जमींदोज होने का खतरा
हिमाचल में 8 से 13 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
राज्य ब्यूरो, शिमला। कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी के घटीगढ़ में भूस्खलन से मणिकर्ण-बरशैणी सड़क बंद हो गई है। सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के साथ पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं।
चंबा जिले के विकास खंड मैहला की बलोठ पंचायत के सात वार्डों का भूस्खलन होने के कारण संपर्क कट गया है, जिससे 2500 से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। भूस्खलन प्रभावित गांवों में 50 परिवारों के आशियानों पर खतरा मंडरा रहा है।
हिमाचल में मंगलवार सुबह रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा में हल्का हिमपात हुआ है, जबकि धर्मशाला, शिमला व सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में वर्षा हुई है। हिमपात व वर्षा के बीच दिन के तापमान में 7.7 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
कहां कितना रहा तापमान?
अधिकतम तापमान में सबसे अधिक वृद्धि सेऊबाग में 7.7, भुंतर में 5.1, मंडी में 4.8, मनाली में 4.3, नारकंडा में 3.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है। नाहन में 3.4 डिग्री की गिरावट आई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नेरी में 35.4 और सुंदरनगर में 34.1 डिग्री दर्ज किया गया है।
कांगड़ा में अधिकतम तापमान में एक डिग्री की वृद्धि के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री कम दर्ज किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आई है।
भारी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आठ, नौ व 10 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता 15 जुलाई तक अधिक रहने का अनुमान है। 11, 12 और 13 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।