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    हिमाचल प्रदेश में निवेश के नाम पर 200 करोड़ रुपये का घोटाला, 5,000 एजेंटों के माध्यम से लालच देकर हुई ठगी

    By Chaitanya ThakurEdited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 24 Feb 2026 02:42 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड द्वारा 200 करोड़ रुपये का निवेश घोटाला सामने आया है। लगभग 5,000 एजेंटो ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में निवेश के नाम पर 200 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में निवेश के नाम पर 200 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. हिमाचल में 200 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश घोटाला उजागर।

    2. करीब 5,000 एजेंटों ने लोगों को अधिक लाभ का लालच दिया।

    3. सोसायटी के चेयरमैन, निदेशकों के खिलाफ शिमला में मामला दर्ज।

    चैतन्य ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश में निवेश के नाम पर 200 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इसमें प्रदेश के करीब 5,000 एजेंटों के माध्यम से लोगों से पैसे एकत्रित किए हैं। ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के चेयरमैन, उप चेयरमैन व नौ निदेशकों के विरुद्ध सीआइडी थाना शिमला में मामला दर्ज किया गया है। 

    आरोपितों में स्नेह दीपा गुप्ता, चंदर प्रकाश गुप्ता, जसवीर, नितिन आहूजा, संजय वर्मा, विकास, ईश्वर सिंह, जितेंद्र कुमार, अरुण प्रशांत सोनी, रामस्वरूप व कुंदन देव शामिल हैं। आरोपित हिमाचल के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। आरोपितों ने विभिन्न जिलों में एजेंट बनाकर लोगों से एफडी, आरडी व अन्य योजनाओं में पैसा जमा करवाया था।

    प्रदेशभर में सक्रिय थे एजेंट

    शिकायत में कहा गया है कि करीब 5,000 एजेंट प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय थे, जो लोगों को सुरक्षित निवेश और अधिक लाभ का भरोसा देकर पैसे जमा करवाते थे। एजेंट घर-घर जाकर, स्थानीय कार्यालयों और बैठकों के जरिए लोगों को जोड़ते थे। 

    इस नेटवर्क के माध्यम से सोलन, शिमला, मंडी, सिरमौर, कांगड़ा समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में लोगों से पैसे एकत्र किए गए। 

    भुगतान में टालमटोल

    लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाने के बाद परिपक्वता अवधि पूरी होने पर भुगतान में देरी और टालमटोल की शिकायतें सामने आने लगीं। कई लोगों ने कहा कि उन्हें न तो मूलधन वापस मिला और न ब्याज।

    लोगों का भरोसा जीतकर पैसे एकत्र किए

    एफआइआर में उल्लेख है कि सोसायटी ने विभिन्न निवेश योजनाओं के तहत लोगों का भरोसा जीतकर पैसे एकत्र किए और बाद में भुगतान से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। सीआइडी अब एजेंट नेटवर्क, बैंक लेन-देन, निवेश दस्तावेजों व सोसायटी के वित्तीय रिकार्ड की गहन जांच कर रही है। 

    यह भी जांच की जा रही है कि एकत्र किए गए 200 करोड़ रुपये कहां निवेश या स्थानांतरित किए गए हैं और किन-किन खातों में ट्रांजेक्शन हुई है।

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