हिमाचल में 1000 रूट पर दौड़ेंगी निजी बसें, युवाओं को परिचालन के लिए 65000 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी
हिमाचल सरकार ने बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार देने के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण शुरू किया है। इसके तहत युवाओं को इलेक्ट्रि ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
युवाओं को इलेक्ट्रिक-डीजल बसों पर मिलेगी पूंजीगत सब्सिडी।
इलेक्ट्रिक बसों पर 65 हजार, डीजल पर 50 हजार मासिक प्रोत्साहन।
महिलाओं को किराये में 50% रियायत, छात्रों को विशेष पास।
राज्य ब्यूरो, शिमला। बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार मुहैया करवाने के लिए राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण को शुरू करने का एलान किया है। इस योजना के तहत सरकार बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी देगी। राज्य के 1,000 मार्गों पर ये बसें चलेगी।
योजना के तहत संचालित इन बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को किराये में 50 प्रतिशत की रियायत मिलेगी, जबकि कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को विशेष पास प्रणाली के माध्यम से रियायती यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
65 हजार ई व 50 हजार डीजल बसों के लिए मिलेगी परिचालन प्रोत्साहन राशि
योजना के लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों के लिए पांच वर्षों तक 65 हजार रुपये प्रतिमाह और डीजल बसों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह परिचालन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। यह योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी। प्रत्येक उपमंडल में कम से कम 10 मार्ग चिह्नित किए जाएंगे। योजना के तहत न्यूनतम 32 सीटों वाली इलेक्ट्रिक एवं डीजल यात्री बसें पात्र होंगी। योजना का क्रियान्वयन श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग द्वारा परिवहन विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से होगा।
आवेदन के लिए क्या रहेंगी शर्तें
आवेदक को हिमाचल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा। उसकी आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास कम-से-कम तीन वर्ष का अनुभव और वैध हेवी ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा। बस का संचालन स्वयं लाभार्थी द्वारा किया जाएगा। राज्य के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी और चयन प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों को वरीयता प्रदान की जाएगी।
जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली
बसों में जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा स्वच्छ एवं हरित परिवहन तकनीकों को अपनाने में तेजी आएगी।