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हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम् व राष्ट्रगान पर दूसरे दिन भी हंगामा, BJP विधायकों का धरना; रिज पर होगा सामूहिक गायन

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 22 Aug 2026 11:20 AM (IST)Updated: Sat, 22 Aug 2026 06:57 PM (IST)

हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में वंदे मातरम और राष्ट्रगान को लेकर दूसरे दिन भी गतिरोध बना रहा, जिसके चलते कार्यवाही सोमवार तक स्थगित करनी पड़ी।

HighLights

  1. विधानसभा में वंदे मातरम और राष्ट्रगान पर दूसरे दिन हंगामा।

  2. भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय के बाहर धरना दिया।

  3. सीएम सुक्खू ने भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया।

जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को भी गतिरोध नहीं थमा। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित करने के बाद विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। विपक्ष ने सदन चलाने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी। शनिवार सुबह विधानसभा के बाहर शुरू हुआ गतिरोध सदन के अंदर भी जारी रहा।

विधानसभा में वंदे मातरम और राष्ट्रगान के अपापर फिर हंगामा हुआ व सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद दो बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से हंगामा शुरू हो गया।

दोपहर के भोजनावकाश के बाद जब फिर से सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो सत्ता पक्ष और विपक्ष एक बार फिर इसी मुद्दे पर आमने-सामने आ गए और मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बीच दोनों पक्षों ने सदन में भारी हंगामा किया। इस पर अध्यक्ष ने सोमवार के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।

सामूहिक वंदे मातरम् गायन करेंगे भाजपा विधायक

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक दल 23 अगस्त को 11 बजे शिमला के रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन करेगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल के सभी विधायक उपस्थित रहेंगे।

धरने पर बैठे भाजपा विधायक

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदस्यों से सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब माहौल शांत नहीं हुआ तो उन्होंने सदन की कार्यवाही सोमवार, 24 अगस्त दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। जिसके बाद नाराज भाजपा विधायक धरने पर बैठ गए 

आरोप-प्रत्यारोप चले

इससे पहले, सदन में एक ओर जहां सत्तापक्ष खासकर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायकों पर बीते रोज राष्ट्र गान का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से राष्ट्र गान का वीडियो सदन के बीच दिखाए जाने की मांग की। ताकि पता चल सके कि वास्तव में राष्ट्र गान का किसी भाजपा विधायक ने अपमान किया है या मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर राष्ट्र गान के अपमान को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया और इस झूठ के लिए माफी मांगने की मांग की। 

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस की देन: सीएम

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत कांग्रेस की देन है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत किसी धर्म या किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश का है। इसके लिए कांग्रेस के लाखों लोगों ने कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि दश को जिसने बनाया और कुर्बानी दी है, वह कांग्रेस है।

भाजपा वाले ड्रामेबाज, राष्ट्रगान खत्म होने से पहले ही हाथ खड़े किए

उन्होंने कहा कि भाजपा वाले सभी लोग ड्रामेबाज हैं। उन्होंने कहा कि बीते रोज भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान खत्म होने से पहले ही हाथ खड़ा कर दिया था और वह राष्ट्रगान का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष आपदा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सराज में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की तिरंगा लगी गाड़ी पर जूते और कपड़े फैंके थे और यह राष्ट्र ध्वज का बहुत बड़ा अपमान था।

मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे: जयराम ठाकुर

प्रश्नकाल के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्र गान के अपमान को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों का मामला उठाया। प्वाइंट ऑफ आर्डर के माध्यम से उठाए गए मामले में जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया है और मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते रोज सदन में गाए गए राष्ट्रगान का वीडियो सदन में दिखाया जाए और यदि राष्ट्रगान का अपमान नहीं हुआ है तो मुख्यमंत्री झूठ बोलने के लिए तुरंत माफी मांगे। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा मुद्दा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि असल में राष्ट्रगीत का अपमान कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराए जाने के दौरान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राष्ट्र गीत वंदे मातरम् को खंडित किया गया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, न कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से। 

सदन के बाहर हंगामा

सदन में जाने से पहले भी प्रदर्शन हुआ, विधायकों के हाथों में तख्तियां थीं। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने नारे लगाते हुए कहा कि “राष्ट्रगान का अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा।” कांग्रेस ने संकेत दिए कि इस मुद्दे को सदन के भीतर भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

कांग्रेस विधायक दल की ओर से तय रणनीति के तहत विधायक सदन में भी आक्रामक तेवर में नजर आ सकते हैं। शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद दूसरे दिन की कार्यवाही में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार बने हुए हैं।

भाजपा का प्रदर्शन

वहीं, भाजपा विधायक दल ने पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध दर्ज किए जा रहे मामलों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। साथ ही जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया लटकाने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

कांग्रेस विधायक दल ने बनाई रणनीति

कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार को विधानसभा परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने की। बैठक में शुक्रवार को सदन में हुए गतिरोध और राष्ट्रगान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की गई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ उसका आक्रामक रुख जारी रहेगा।

जिलों में भी प्रदर्शन

राष्ट्रगान के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब विधानसभा तक ही सीमित नहीं रही। पार्टी ने प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। धर्मशाला सहित अन्य जगह जोरदार प्रदर्शन हुआ।

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