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हिमाचल की मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना की पात्रता में संशोधन, 75 हजार रुपये से अधिक आय वाले होंगे बाहर

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 02 Sep 2026 04:03 PM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 04:35 PM (IST)

हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की पात्रता के संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 75 हजार से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार योजना से बाहर होंगे।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के नए पात्रता नियम।

  2. 75 हजार से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार अपात्र घोषित।

  3. दिव्यांग, भूमिहीन और गंभीर बीमार सदस्य वाले परिवार पात्र।

संवाद सहयोगी, जसवां परागपुर (कांगड़ा)। मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के चयन को लेकर ग्रामीण विकास विभाग ने समावेशन और बहिष्करण मानदंडों के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राघव शर्मा की ओर से जारी इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि योजना के लिए पात्र परिवारों का चयन निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही किया जाए, ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।

विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण

विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि ऐसे परिवार, जिनमें केवल 27 वर्ष से कम आयु के बेसहारा सदस्य हैं अथवा केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन सदस्य हैं और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई व्यस्क सदस्य नहीं है, पात्रता के लिए विचार योग्य होंगे।

वयस्क पुरुष सदस्य नहीं तो परिवार पात्र

महिला मुखिया वाले ऐसे परिवार भी पात्रता के दायरे में आएंगे, जिनमें 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है। विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा तथा परित्यक्त महिलाओं वाले परिवारों को भी मानदंडों के अनुसार शामिल किया जाएगा।

40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता 

इसके अलावा परिवार की मुखिया में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होने, परिवार के किसी वयस्क सदस्य द्वारा संबंधित वित्तीय वर्ष में मनरेगा के अंतर्गत कम से कम एक दिन कार्य किए जाने तथा कमाने वाले सदस्य के गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की स्थिति में भी परिवार को पात्रता के लिए विचार किया जाएगा। 

बीमारी की स्थिति में पात्रता

कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों का भी निर्देशों में उल्लेख किया गया है। दुर्घटना के कारण रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से स्थायी रूप से निष्क्रिय अथवा अशक्त हुए कमाने वाले सदस्य वाले परिवार और भूमिहीन परिवार भी पात्रता के दायरे में रखे गए हैं।

75 हजार से अधिक आय वाले परिवार होंगे बाहर

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है तो उसे योजना से बाहर कर दिया जाएगा। यदि वार्षिक आय 75 हजार रुपये या इससे कम है और कोई अन्य बहिष्करण मानदंड लागू नहीं होता है तो परिवार को योजना के लिए अंतिम पात्र परिवार माना जाएगा।

योजना के अंतर्गत ऐसे परिवार पात्र नहीं होंगे जिनमें कोई भी सदस्य आयकरदाता है। जिन परिवारों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें भी योजना से बाहर रखा जाएगा

एक हेक्टेयर से अधिक भूमि व नौकरी वाले भी अपात्र

एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले परिवार पात्र नहीं होंगे। इसी प्रकार जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी सेवा या नौकरी में कार्यरत है, वह भी योजना के लिए अपात्र माना जाएगा।

अधिकारियों को निर्देश जारी

ग्रामीण विकास विभाग ने इन निर्देशों की जानकारी प्रदेश के सभी उपमंडलाधिकारियों, जिला विकास अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र परिवारों का सही चयन सुनिश्चित किया जाए। 

पात्र परिवारों की पहचान में किसी प्रकार की त्रुटि न हो और योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी संबंधित उपमंडल, जिला और खंड स्तर के अधिकारियों की रहेगी। जिला विकास अधिकारी कांगड़ा अभिनीत कात्यान शर्मा ने संशोधित दिशा निर्देशों की पुष्टि की है ।

क्या लाभ मिलेंगे

योजना के तहत चयनित परिवारों की महिलाओं को सुख सम्मान निधि योजना के तहत मासिक 1500 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलेगी। पीएम आवास योजना का भी इन्हें प्राथमिकता से लाभ मिलेगा। 

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