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    मणिमहेश यात्रा में चंबा-भरमौर NH पर सुरक्षित होगा सफर, फ्लैगमैन करेंगे भूस्खलन व पत्थर गिरने से सावधान

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 10 Aug 2026 02:03 PM (IST)

    मणिमहेश यात्रा से पहले चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। लाहल में ट्रैफिक सिग्नल और भूस्खलन सं ...और पढ़ें

    चंबा भरमौर एनएच पर तैनात किए गए फ्लैगमैन। जागरण

    चंबा भरमौर एनएच पर तैनात किए गए फ्लैगमैन। जागरण

    HighLights

    1. लाहल में आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लाइटें स्थापित की जा रही हैं।

    2. भूस्खलन संभावित स्थलों पर फ्लैगमैन तैनात किए गए हैं।

    3. प्रशासन और एनएचएआइ मिलकर मार्ग की निगरानी कर रहे हैं।

    जागरण टीम, चंबा। मणिमहेश यात्रा के शुरू होने से पहले प्रशासन ने चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग 154-ए पर श्रद्धालुओं और आम राहगीरों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मार्ग के सबसे संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्र लाहल में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स स्थापित की जा रही हैं। इस पहल से इस डेंजर जोन में होने वाले हादसों पर पूरी तरह अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। जबकि भूस्खलन प्रभावित स्थलों पर फ्लैगमैन वाहनों में सवार लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।

    बढ़ जाता है ट्रैफिक दबाव

    दरअसल, मणिमहेश यात्रा के दौरान इस संकरे और पहाड़ी मार्ग पर देश के कोने-कोने से आने वाले हजारों वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाता है। लाहल के पास भौगोलिक स्थिति और तीखे मोड़ के कारण अकसर जाम की स्थिति रहती है और हादसों का अंदेशा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण चंबा के सहयोग से इस संवेदनशील प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइटें लगाने का काम युद्धस्तर पर शुरू करवाया है। 

    बाहरी वाहन चालकों को सतर्क करेगी सिग्नल प्रणाली

    यात्रा के दौरान अन्य राज्यों से आने वाले कई वाहन चालक पहाड़ी रास्तों के उतार-चढ़ाव और मोड़ से अनजान होते हैं। ऐसे में यह सिग्नल प्रणाली न केवल ट्रैफिक को व्यवस्थित करेगी, बल्कि चालकों को सतर्क कर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करेगी।

    डेंजर जोन में फ्लैगमैन

    बारिश के मौसम और पहाड़ी से मलबा गिरने के खतरों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पूरे रूट के डेंजर जोन और संवेदनशील ब्लैक स्पाट पर विशेष तौर पर फ्लेगमैन तैनात कर दिए हैं। यह कदम खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले उन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जो इस पहाड़ी मार्ग की भौगोलिक परिस्थितियों और अचानक होने वाले भूस्खलन से अनजान होते हैं। 

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    तैनाती के बाद फ्लैगमैन मार्ग पर लगातार अपनी नजरें जमाए हुए हैं। पहाड़ी से पत्थर गिरने या सड़क की स्थिति खराब होने पर ये कर्मचारी लाल और हरी झंडियों के जरिए तुरंत ट्रैफिक को रोककर ड्राइवरों को सचेत करेंगे। इससे न केवल संकरे रास्तों पर जाम की स्थिति से निजात मिलेगी, बल्कि किसी भी तरह के बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सकेगा।

    प्रशासन और एनएचएआइ की टीमें लगातार आपस में तालमेल बिठाकर पूरे हाईवे की पल-पल की मानिटरिंग कर रही हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मशीनों और श्रमशक्ति को बिल्कुल अलर्ट मोड पर रखा गया है। 

    मणिमहेश यात्रा पर आने वाले हर एक श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक की सुरक्षा हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी है। बरसात के मौसम में हाईवे पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है, जिसे देखते हुए एनएचएआइ के समन्वय से संवेदनशील जगहों पर फ्लैगमैन तैनात किए गए हैं। हमारी टीमें मार्ग की 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। किसी भी बाधा को तुरंत दूर करने के पुख्ता इंतजाम हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे सुरक्षित सफर के लिए तैनात अमले के निर्देशों का पूरा सहयोग करें।
    -विकास शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, भरमौर।

     

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