Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    लाखों के हाईटेक ट्रैफिक सिग्नल की पोल खुली, 4 दिन में ही बंद; महाराणा चौक पर व्यवस्था ठप

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 05:18 PM (IST)

    सोनीपत में महाराणा प्रताप चौक का ट्रैफिक सिग्नल चालू होने के मात्र 4 दिन बाद ही बंद हो गया, जिससे यातायात व्यवस्था फिर से चरमरा गई है। लाखों रुपये खर् ...और पढ़ें

    महाराणा प्रताप चौक से गुजरते वाहन। जागरण

    महाराणा प्रताप चौक से गुजरते वाहन। जागरण

    HighLights

    1. महाराणा चौक का ट्रैफिक सिग्नल 4 दिन में बंद।

    2. पुलिसकर्मी मैनुअल ट्रैफिक संभाल रहे, जोखिम बढ़ा।

    3. लाखों के हाईटेक सिग्नल पर रखरखाव के सवाल।

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई हाईटेक ट्रैफिक लाइटों की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

    महाराणा प्रताप चौक का ट्रैफिक सिग्नल चालू होने के महज 4 दिन बाद ही बंद हो गया। सिग्नल बंद होते ही एक बार फिर पुलिसकर्मियों को सड़क के बीच खड़े होकर मैनुअल तरीके से यातायात नियंत्रित करना पड़ रहा है। इससे न केवल जाम की स्थिति बन रही है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    अधिकांश ट्रैफिक सिग्नल बंद पड़े

    शहर में पिछले काफी समय से अधिकांश ट्रैफिक सिग्नल बंद पड़े थे। इसके बाद नगर निगम की ओर से गीता भवन चौक, आईटीआई चौक, महाराणा प्रताप चौक और अग्रसेन चौक समेत प्रमुख चौराहों की ट्रैफिक लाइटों को ठीक करवाकर व्यवस्था बहाल करने का दावा किया गया था।

    वहीं, कुछ दिन पहले ही महाराणा प्रताप चौक का सिग्नल भी चालू हुआ था, लेकिन चार दिन में ही इसके बंद होने से मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सिग्नल बंद होने के कारण ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दोबारा चौराहे के बीच खड़े होकर वाहनों को हाथ के इशारे से नियंत्रित करना पड़ रहा है।

    पुलिसकर्मियों के लिए जोखिम भरा

    व्यस्त चौराहे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच खड़े होकर ड्यूटी करना पुलिसकर्मियों के लिए जोखिम भरा है। पहले भी शहर में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के वाहनों की चपेट में आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

    खबरें और भी

    हाईटेक ट्रैफिक सिग्नल लगाने का उद्देश्य भी यही था कि पुलिसकर्मियों को चौराहे के बीच खड़े होकर यातायात नियंत्रित न करना पड़े। इन सिग्नलों को टैब और साफ्टवेयर के माध्यम से नियंत्रित करने की सुविधा भी दी गई थी।

    11 में से आधे से ज्यादा सिग्नल बंद

    शहर में करीब 11 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं, लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा सिग्नल लंबे समय से बंद पड़े हैं। वर्ष 2018 में करीब 60 लाख रुपये की लागत से हाईटेक ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं। इनकी वारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है और अब इनके रखरखाव व मरम्मत की जिम्मेदारी को लेकर नगर निगम और यातायात पुलिस के बीच समन्वय पर सवाल उठ रहे हैं।

    शहर में यह चर्चा भी है कि कुछ स्थानों पर ट्रैफिक चालान काटने के लिए जानबूझकर सिग्नल व्यवस्था सक्रिय नहीं रखी जा रही।

    वाहनों का बढ़ रहा दबाव, ट्रैफिक सिग्नल है जरूरी

    जिले में हर साल करीब 1,200 नए वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। शहर की सड़कों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद रहने से जाम और दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

    गीता भवन चौक, बस स्टैंड, मामा-भांजा चौक, महाराणा प्रताप चौक, अग्रसेन चौक और नागरिक अस्पताल क्षेत्र शहर के प्रमुख यातायात मार्गों से जुड़े हैं। इन चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था सुचारु रहने से यातायात का दबाव नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

    यह भी पढ़ें- गुरुग्राम-दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों पर 2 दिन तक रोक, रूट डायवर्ट; घर से निकलने से पहले देख लें एडवाइजरी

    काफी समय से सिग्नल बंद थे। अब ट्रायल कर देखा जा रहा है। वर्षा की वजह से भी दिक्कत हो सकती है। जांच की जाएगी। खामी को जल्द ठीक करवा कर दोबारा से चालू करवाया जाएगा। - अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम