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    रेवाड़ी मंडी में अब इलेक्ट्रॉनिक कांटों से होगी सरसों-गेहूं की तुलाई, वजन के दौरान नहीं हो सकेगी धांधली

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 02:58 PM (IST)

    रेवाड़ी की अनाज मंडियों में अब सरसों और गेहूं की तुलाई इलेक्ट्रॉनिक कांटों से होगी। मार्केटिंग बोर्ड ने किसानों को वजन में धांधली से बचाने और पारदर्शि ...और पढ़ें

    बी की फसल की तौल में लगने वाले आरोप-प्रत्यारोप पर अंकुश लगाने के लिए मार्केटिंग बोर्ड की नई पहल। फोटो: आर्काइव

    बी की फसल की तौल में लगने वाले आरोप-प्रत्यारोप पर अंकुश लगाने के लिए मार्केटिंग बोर्ड की नई पहल। फोटो: आर्काइव

    ज्ञान प्रसाद, रेवाड़ी। आगामी रबी की फसलों की मंडी में खरीद को लेकर कई नई गाइडलाइन जारी की गई है। अब किसानों को मंडी में सरसों और गेहूं की तुलाई में वजन में होने वाली धांधली का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    इस बार सरसों और गेहूं की इलेक्ट्रानिक मशीनों से वजन किया जाएगा। सभी आढ़तियों को इसका दृढ़ता के साथ पालन करना होगा। मार्केटिंग बोर्ड की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिए गए हैं।

    आगामी 27 मार्च से सरसों तथा एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ होने की संभावना है। जिले में आढ़तियों के माध्यम से विभिन्न एजेंसियां सरसों व गेहूं की खरीद करती हैं। अभी तक पुराने कांटों से ही उपज का वजन किया जाता रहा है।

    इसमें पुराने कांटों से किए गए तौल में वजन कम होने के आरोप लगते रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए इस बार इलेक्ट्रानिक कांटों से ही वजन करने की अनिवार्यता की गई है।

    रेवाड़ी नई अनाजमंडी में करीब 100 आढ़ती हैं जो सरसों और गेहूं की खरीद बिक्री का काम करते हैं। अब इन आढ़तियों को इलेक्ट्रानिक मशीन खरीदने ही होंगे।

    अभी तक अनिवार्यता नहीं होने के कारण पुराने बट्टा वाले मशीनों से ही तौल कर रहे हैं। इससे अलग अलग मशीनों में उपज का वजन भिन्न रहता है। इसके चलते किसानों और आढ़तियों के बीच आरोप प्रत्यारोप की स्थिति रहती है।

    किसान देख सकेंगे अपनी उपज का वास्तविक वजन

    इलेक्ट्रानिक कांटा में तौल करने से किसान अपनी उपज का वास्तविक वजन डिजिटल देख सकते हैं। इसके लिए बार बार पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    सरकार ने इलेक्ट्रानिक कांटों की अनिवार्यता की है। यह किसानों के हित में है। किसान अपनी उपज का वास्तविक वजन इसमें देख सकेगा। वहीं इसकी विश्वसनीयता को लेकर भी सजग रहने की जरूरत है। इलेक्ट्रानिक मशीन रिमोट से भी चलते हैं। ऐसे में इनकी नियमित रूप से जांच भी होनी चाहिए ताकि कोई गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं हो।

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    एक समस्या और आ सकती है। इसमें इलेक्ट्रानिक मशीन को बार बार इधर उधर लाने में दिक्कतें आएंगी। इससे मशीन खराब होने की संभावना रहती है। इसे ठीक कराने में भी आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सीजन के समय मशीन को चार्ज करने और इधर उधर करने में दिक्कतें आ सकती हैं।

    - अशोक यादव, प्रधान, व्यापार संघ, नई अनाजमंडी रेवाड़ी।

    फसल तौल में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस बार इलेक्ट्रानिक तौल मशीन अनिवार्य किए हैं। इसके लिए सभी आढ़तियों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से वजन सही और किसान अपने सामने देख सकेंगे।

    - मनीष कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी रेवाड़ी।

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