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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Panipat Factory Fire: कंबल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 150 कर्मचारी जान बचाकर भागे; सात घंटे बाद पाया काबू

    Updated: Fri, 02 Feb 2024 06:58 PM (IST)

    कंबल बनाने के बड़े प्लांट गोल्डन टैक्सो फैब प्राइवेट लिमिटेड में सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। सुबह सात बजे लगी भीषण आग से कंपन ...और पढ़ें

    कंबल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग।
    कंबल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग।

    जागरण संवाददाता, पानीपत। जीटी रोड पर सिवाह के निकट कंबल बनाने की गोल्डन टैक्सो फैब प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह सात बजे अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में काम कर रहे करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों ने भागकर किसी तरह जान बचाई। फैक्ट्री मालिक भूपेंद्र और वेद के साथ दमकल को सूचना दी। पहले दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में लगी।

    आग इतनी भयंकर थी कि दमकल की 13 गाड़ियों के साथ एनएफएल और रिफाइनरी की टीमें भी जुटी। फैक्ट्री के भीतर दमकल की गाड़ियों को बाचव टीम के लिए दीवार भी तोड़नी पड़ी। दोपहर बाद दमकल की टीम करीब तीन बजे आग बुझाने में सफल हुई।

    कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आग

    गोल्डन टैक्सो फैब प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर कंबल तैयार होता हैं। यहां से देश में सप्लाई के साथ विदेशों में कंबल का निर्यात होता है। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे फैक्ट्री के एक हिस्से में अचानक आग भड़क गई। इस दौरान फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों ने पहले तो आग पर काबू करने के लिए फायर सेफ्टी किट से बुझाने का प्रयास करते हुए सूचना मालिक भपेंद्र और वेद के साथ दमकल विभाग को दी।

    150 कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान

    आग फैलने लगी यह देख फैक्ट्री के करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। सूचना मिलने के बाद एक साथ दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई। आग को बुझाने के लिए फैक्ट्री के दो हिस्से की दीवार तोड़नी पड़ी। दोपहर तक दमकल की 13 गाड़ियां टीम के साथ आग बुझाने मे दोपहर तीन बजे सफल हुई।

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    दमकल विभाग के फायर आफिसर अश्वनी शर्मा और गुरमेल सिंह ने बताया कि आग इतनी बड़ी थी उसे काबू करना मुश्किल था। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

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    फैक्ट्री की तोड़नी पड़ी दीवार

    फैक्ट्री की दीवारों को तोड़कर दमकल की गाड़ियों ने पानी की बौछार मारना शुरू किया। फैक्ट्री में मौजूद वाटर टैंक के माध्यम से पानी की बौछार की जा रही है। गोदाम की टीन की छतों को उखाड़ा गया है। आग को बुझाने के लिए पानीपत, एनएफएल, रिफाइनरी और समालखा समेत अन्य जगहों की गाड़ियां पहुंच चुकी हैं।

    माल को बचाने की कोशिश

    फैक्ट्री में आग लगते ही काम कर रहे कर्मचारी खुद बाहर निकलने के साथ उसमें तैयार माल से लेकर कच्चा माल बचाने का भी प्रयास किया। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी आग पर पूर्णरूप से काबू नहीं पाया जा सका है।

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