इसके बाद ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। योजना के लागू होने से करीब दो लाख 38 हजार 662 ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। प्रशासन का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या पर स्थायी रोक लगाना है।
कूड़ा संग्रहण वाहन घर-घर पहुंचेंगे
विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से चयनित पंचायतों में फिरोजपुर झिरका, नगीना, नूंह, पिनगवां, पुनहाना और तावड़ू खंड के बड़े गांव शामिल हैं। इन गांवों में नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण वाहन घर-घर पहुंचेंगे।
घरों से एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाकर वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील
अब तक कई गांवों में ग्रामीण खाली प्लाॅटों, सड़क किनारे और खेतों के आसपास कूड़ा डालते रहे हैं। इससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने के साथ मच्छरों और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। नई व्यवस्था शुरू होने से इन समस्याओं पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई है। साथ ही निर्धारित समय पर कूड़ा संग्रहण वाहन में ही कचरा डालने का आग्रह किया गया है, ताकि कचरे के पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके।
इन पंचायतों को किया गया शामिल
| 1 | फिरोजपुर झिरका | बीवां | 11,481 |
| 2 | फिरोजपुर झिरका | साकरस | 19,278 |
| 8 | नूंह | फिरोजपुर नमक | 9,432 |
| 14 | पिनगवां | पिनगवां | 13,687 |
| 15 | पिनगवां | सिकरावा | 10,282 |
| 19 | पुनहाना | नवलगढ़ बिछोर खुर्द | 6,415 |
| 22 | तावड़ू | सहसोला पट्टी | 10,8 |
"जिले की बड़ी पंचायतों में शुरू होने वाली यह व्यवस्था ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। नियमित कूड़ा संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण से न केवल गांवों की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि खुले में कचरा जलाने और फेंकने से होने वाले प्रदूषण पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।"
-अखिल पिलानी, उपायुक्त, नूंह।
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