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    नूंह के 22 गांवों में अब घर-घर पहुंचेगी कूड़ा गाड़ी, 2.38 लाख ग्रामीणों को मिलेगा फायदा

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 10:50 AM (IST)

    नूंह जिले की 22 बड़ी ग्राम पंचायतों में अब घर-घर से कूड़ा एकत्र किया जाएगा और उसका वैज्ञानिक निस्तारण होगा। इस पहल से 2.38 लाख से अधिक ग्रामीणों को ला ...और पढ़ें

    जिले की 7500 से अधिक आबादी वाली 22 ग्राम पंचायतों में अब घर-घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा।

    जिले की 7500 से अधिक आबादी वाली 22 ग्राम पंचायतों में अब घर-घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा।

    HighLights

    1. नूंह की 22 पंचायतों में घर-घर कूड़ा संग्रहण शुरू।

    2. 2.38 लाख ग्रामीणों को मिलेगा स्वच्छ वातावरण का लाभ।

    3. गीले-सूखे कचरे को अलग रखने की अपील, वैज्ञानिक निस्तारण।

    जागरण संवाददाता, नूंह (मेवात)।  जिले में ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले की 7500 से अधिक आबादी वाली 22 ग्राम पंचायतों में अब घर-घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा।

    इसके बाद ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। योजना के लागू होने से करीब दो लाख 38 हजार 662 ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। प्रशासन का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या पर स्थायी रोक लगाना है।

    कूड़ा संग्रहण वाहन घर-घर पहुंचेंगे

    विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से चयनित पंचायतों में फिरोजपुर झिरका, नगीना, नूंह, पिनगवां, पुनहाना और तावड़ू खंड के बड़े गांव शामिल हैं। इन गांवों में नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण वाहन घर-घर पहुंचेंगे।

    घरों से एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाकर वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

    सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील

    अब तक कई गांवों में ग्रामीण खाली प्लाॅटों, सड़क किनारे और खेतों के आसपास कूड़ा डालते रहे हैं। इससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने के साथ मच्छरों और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। नई व्यवस्था शुरू होने से इन समस्याओं पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है।

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    प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई है। साथ ही निर्धारित समय पर कूड़ा संग्रहण वाहन में ही कचरा डालने का आग्रह किया गया है, ताकि कचरे के पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके।

    इन पंचायतों को किया गया शामिल

    क्रम खंड गांव आबादी
    1 फिरोजपुर झिरका बीवां 11,481
    2 फिरोजपुर झिरका साकरस 19,278
    3 नगीना भादस 7,618
    4 नगीना नगीना 13,883
    5 नूंह अडबर 8,383
    6 नूंह आकेड़ा 10,284
    7 नूंह बजेड़ा 8,864
    8 नूंह फिरोजपुर नमक 9,432
    9 नूंह घासेड़ा 15,460
    10 नूंह मालब 10,258
    11 नूंह मेवली 8,748
    12 नूंह रानीका 3,338
    13 पिनगवां झिमरावट 7,982
    14 पिनगवां पिनगवां 13,687
    15 पिनगवां सिकरावा 10,282
    16 पुनहाना बिछोर 6,826
    17 पुनहाना बिसरु 13,260
    18 पुनहाना नई 11,741
    19 पुनहाना नवलगढ़ बिछोर खुर्द 6,415
    20 पुनहाना सिंगार 22,281
    21 तावड़ू निजामपुर 7,896
    22 तावड़ू सहसोला पट्टी 10,8

    "जिले की बड़ी पंचायतों में शुरू होने वाली यह व्यवस्था ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। नियमित कूड़ा संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण से न केवल गांवों की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि खुले में कचरा जलाने और फेंकने से होने वाले प्रदूषण पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।"

    -अखिल पिलानी, उपायुक्त, नूंह।

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