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    मेवात में इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत, अस्पताल पहुंचते ही युवक की मौत; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 11:07 AM (IST)

    पुन्हाना, मेवात में 38 वर्षीय शमीम की इलाज के दौरान मौत हो गई, परिजनों ने निजी डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्जकर शव क ...और पढ़ें

    पुलिस ने मामले में 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा शव को स्वजन को सौंप दिया है।

    पुलिस ने मामले में 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा शव को स्वजन को सौंप दिया है। 

    HighLights

    1. पुन्हाना में 38 वर्षीय शमीम की इलाज के दौरान मौत।

    2. परिजनों ने निजी डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन का आरोप लगाया।

    3. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

    जागरण संवाददाता, पुन्हाना (मेवात)। ट्रक मार्केट में काम करने वाले 38 वर्षीय युवक शमीम की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के स्वजन ने शहर के एक निजी डाक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पुलिस को शिकायत भी दी गई है।

    शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा शव को स्वजन को सौंप दिया है। इसके बाद स्वजनों द्वारा मृतक के शव को सुर्पद ए खाक कर दिया गया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    बिछौर थाने के गांव झारोकड़ी निवासी इस्लाम पुत्र इब्राहिम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई शमीम ट्रक मार्केट स्थित अपनी दुकान पर कारपेंटर का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए एक शहर की गुडमंड़ी के एक निजी डाक्टर सद्दाम के पास ले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डाक्टर ने शमीम को इंजेक्शन लगाया।

    इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत सुधरने के बजाय तेजी से बिगड़ने लगी। जिसके बाद उसे तुरंत नल्हड़ मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्वजनों के अनुसार शमीम एक बेटा और चार बेटियों का पिता है। युवक की मौत के बाद परिवार ने निजी डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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    मृतक के भाई ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर संबंधित डाक्टर के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।वहीं शहर थाना प्रभारी कुंदन सिंह ने बताया कि अभी मौत की असली वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और विशेषज्ञ डाॅक्टरों की राय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में इलाज में लापरवाही या गलत इंजेक्शन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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