नूंह में डीएमई एक्सप्रेस-वे पर अवैध ढाबों का कब्जा; तीन बार तोड़े गए फिर भी गुलजार; हादसों का सिलसिला जारी
नूंह में डीएमई एक्सप्रेस-वे पर अवैध ढाबों की समस्या बनी हुई है। प्रशासन द्वारा तीन बार कार्रवाई के बावजूद ये ढाबे फिर से खुल जाते हैं, जिससे सड़क हादस ...और पढ़ें

डीएमई एक्सप्रेसवे पर ढाबों के सामने मार्ग पर खड़े वाहन। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मोहम्मद हारून, नूंह। जिले से गुजर रहे डीएमई एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ खेतों में बने अवैध रूप से बने ढाबों पर प्रशासन की कार्रवाई बेअसर साबित हो रही है। कहने को तो जिले में एक वर्ष के भीतर तीन बार अवैध रूप से ढाबों को हटवाया गया, लेकिन कार्रवाई के थोड़े समय बाद फिर से अवैध रूप से ढाबा संचालक वहीं पर अपना ठिकाना बना लेते हैं।
चार साल बाद भी रेस्ट जोन का है इंतजार
जिले से गुजर रहे दिल्ली मुंंबई एक्सप्रेस-वे की लंबाई लगभग 60 किमी है, हालत यह है कि इतनी दूरी में इतने की ढाबे अवैध रूप से मार्ग के दोनों और बने हुए। जिन पर दिन व रात के समय ट्रेफिक के रूकने से हादसे होते रहते हैं लेकिन प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में कामयाब नहीं हो पाया है। यही हाल केएमपी मार्ग भी है। इतना ही नहीं केएमपी मार्ग पर रेस्ट जोन बनाने की प्रक्रिया भी चार वर्ष बाद सिरे नहीं चढ़ी है।
कार्रवाई का कब तक रहता है असर?
इस कारण यहां पर भी अवैध रूप से दर्जन भर ढाबे बनने से यहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से देश में एक्सप्रेस-वे पर अवैध ढाबों को लेकर अब सख्ती दिखाई गई है, देखना यह है कि प्रशासन डीएमई व केएमपी पर बने ऐसे ढाबों पर कितनी असरदार कार्रवाई करता है।
60 किमी के दायरे में 60 ढाबे
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ ढाबें व होटल खोलने पर पाबंदी है। लेकिन सोहना क्षेत्र से लेकर नूंह के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में 60 किमी एरिया में करीब 60 ही ढाबे एक्सप्रेस-वे के दोनों और बने हुए हैं।
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सबसे ज्यादा ढाबे, नगीना व फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बने हैं। बताया गया है कि मार्ग के दोनों और किसानों के खेत हैं। इन्हीं खेतों में अवैध रूप से बने ढाबे खूब फल फूल रहे हैं।
डीएमई पर सबसे ज्यादा ढाबे घाटा शमशाबाद, तिगरा, महूं, शेखपुर, गुर्जर नंगला, खेडली कला, झिमरावट, बसई खानजादा, मरोड़ा गांव के जंगलों में बने हैं।
ढाबों पर रुकते हैं वाहन, जिससे होते हैं अक्सर हादसे
एक्सप्रेस -वे पर दोनों और बने इन ढाबों व होटलों पर अक्सर ट्रक चालक व अन्य वाहन खाना व अन्य सामान के लिए रुकते हैं। बताया गया है कि मार्ग के साइड पर वाहनों के खड़े करने से अक्सर वाहनों से हादसे होते रहते हैं।
मेवात में ट्रक ड्राईवरों की संख्या ज्यादा है। अक्सर लंबे रूट पर चलने वाले ट्रक चालक ढाबों के सााथ सड़क पर वाहनों को खड़ा करके घर चले जाते हैं। कई-कई दिन ये वाहन वहां पर खड़े रहते हैं। जो दुर्घटना का सबब बनते हैं।
तीन बार चला अभियान, बेअसर
प्रशासन की तरफ से एक वर्ष के भीतर तीन बार अवैध ढाबों का हटवाया भी गया। लेकिन हर बार ढाबे व होटल को हटाने के चंद दिनों बाद फिर से ढाबों को जमा लिया गया। इसका असर ठोस नहीं दिखाई दिया।
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
बीते 27 फरवरी को फिरोजपुर झिरका के उपमंडल मजिस्ट्रेट ने भी किए थे आदेश: फिरोजपुर झिरका के उपमंडल मजिस्ट्रेट लक्ष्मीनारायण ने बीते 27 फरवरी को अवैध ढाबों को हटाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, तहसीलदार फिरोजपुर झिरका, बिजली विभाग के एसडीओ, पुलिस इंफोर्समेंट ब्यूरो, पुलिस विभाग, खंड विकास एवं पंचायत विभाग तथा यातायात पुलिस के लिए आदेश जारी करके कठोर कार्रवाई के आदेश दिए थे। लेकिन, मजिस्ट्रेट के इन आदेशों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। शुरुआत में खानापूर्ति के लिए कुछ ढाबों पर होटलों पर कार्रवाई की गई। हालांकि, यह महज खानापूर्ति ही साबित हुई
बीते पांच वर्षों के दौरान हुए सड़क हादसे
| वर्ष | दुर्घटना | घायल | मृतक |
| 2021 | 518 | 520 | 224 |
| 2022 | 495 | 487 | 193 |
| 2023 | 590 | 441 | 219 |
| 2024 | 390 | 332 | 181 |
| 2025 | 307 | 282 | 127 |
"प्रशासन की तरफ से अवैध ढाबों व हाेटलों को हटाने के लिए कई बार अभियान चलाए हैं। बिजली के कनेक्शन तक काटे गए है। लेकिन ये लेाग फिर से अपना ठिकाना बना लेेते हैं। आदेश भी जारी किए थे, लेकिन अब फिर से मामले को लेकर सख्ती होगी।"
-लक्ष्मीनारायण, एसडीएम फिरोजपुर झिरका
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