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    अब गुरुग्राम टू वडोदरा सिर्फ 10 घंटे में... दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देश की पहली 8 लेन टनल तैयार

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 09:13 AM (GMT+05:30)

    राजस्थान के कोटा में देश की पहली आठ लेन वाली सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है, जो अगले महीने चालू होगी। यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसके ...और पढ़ें

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे। जागरण

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे। जागरण

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    आदित्य राज, गुरुग्राम। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजस्थान के कोटा में सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया। अगले महीने से इसे चालू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    यह देश की पहली आठ लेन वाली सुरंग है और इसके चालू होने के बाद गुरुग्राम से वडोदरा 20 से 22 घंटे की बजाय केवल 10 से 12 घंटे में पहुंच सकेंगे।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के उद्देश्य से 1380 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है।

    आठ लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे

    यह आठ लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे है। इसे कई हिस्सों में बांटकर बनाया जा रहा है। एक्सप्रेसवे की शुरुआत सोहना के नजदीक गांव अलीपुर से हो रही है। कोटा से पहले एवं कोटा से आगे वडोदरा तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कई महीने पहले पूरा हो चुका है।

    कोटा में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व है। इसमें काफी संख्या में वन्यजीव हैं। इसे देखते हुए 4.9 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई गई है। वन्यजीव परेशान न हों, इस वजह से निर्माण कार्य के दौरान काफी सावधानी बरती गई। इस वजह से निर्माण में समय अधिक लग गया।

    घुमावदार रास्ते से मिलेगी निजात

    सुरंग का निर्माण इस तरह से किया गया है ताकि वन्यजीवों को आभास तक न हो कि नीचे से वाहन गुजर रहे हैं। अगले महीने से इसे हर हाल में चालू करने की तैयारी है।

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    बताया जाता है कि टनल की पूरी तरह जांच करने के बाद चालू कर दिया जाएगा। बाद में इसका विधिवत शुभारंभ कराया जाएगा। टनल चालू होने के बाद कोटा के नजदीक लगभग 25 किलोमीटर घुमावदार रास्ताें से निजात मिल जाएगी।

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    जून तक मुंबई तक का प्रोजेक्ट हो सकता है पूरा

    वडोदरा से मुंबई के बीच कुछ हिस्से का निर्माण बचा है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल जून तक बाकी हिस्से का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद गुरुग्राम से मुंबई 24 घंटे की बजाय 12 घंटे में पहुंच जाएंगे। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रहे हैं।

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    कई बार 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से भी वाहनों के चलने की शिकायत सामने आ चुकी है। फिलहाल प्रतिदिन औसतन 25 से 30 हजार वाहन एक्सप्रेसवे से निकल रहे हैं।

    मुंंबई तक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद वाहनों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

    इन शहरों से गुजरेगा

    बता दें कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली एवं गुरुग्राम के अलावा अलवर, जयपुर, दौसा, किशनगढ़, अजमेर, रणथंभोर, सवाई माधोपुर, लालसोट, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, इंदौर, अहमदाबाद, वडोदरा एवं सूरत जैसे शहरों के नजदीक से होकर गुजर रहा है।

    इससे उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली एवं मुंबई के साथ ही हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं गुजरात का विकास और तेजी से होगा।

    वाहनों का दबाव बढ़ने पर लेन बढ़ाना आसान

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के परियाेजना निदेशक पीके कौशिक का कहना है कि वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद एक्सप्रेसवे को 12 लेन तक आसानी से किया जा सकता है क्योंकि 21 मीटर चौड़ा मीडियन है।

    दोनों तरफ आसानी से लेन बढ़ाई जा सकती है। देश के बेहतर एक्सप्रेसवे में से एक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे है। बहुत ही बेहतर तरीके से इसे तैयार किया गया है। आसपास सुविधाओं के ऊपर भी ध्यान दिया गया है ताकि लोगों को परेशानी न हो।

    टनल के चालू हाेते ही वडोदरा तक का सफर 10 से 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

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    इस समाचार में उपयोग किए गए क्रिएटिव ग्राफिक्स को NoteBookLM आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस प्रोग्राम की सहायता से बनाया गया है।