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    गुरुग्राम निगम का दो एजेंसियों पर शिकंजा, 31 लाख का ठोका जुर्माना; ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 04:22 PM (IST)

    गुरुग्राम नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में अनियमितताओं के लिए दो एजेंसियों पर 31.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। संसाधनों की कमी, डिजिटल निगरानी का पा ...और पढ़ें

    सेक्टर-34 स्थित गुरुग्राम नगर निगम कार्यालय। आर्काइव

    सेक्टर-34 स्थित गुरुग्राम नगर निगम कार्यालय। आर्काइव

    HighLights

    1. दो सफाई एजेंसियों पर 31.45 लाख रुपये का भारी जुर्माना।

    2. संसाधनों की कमी और डिजिटल निगरानी में लापरवाही पाई गई।

    3. नगर निगम ने एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था में संसाधन कागजों पर दिखाकर मैदान में कम वाहन उतारने और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था का पालन नहीं करने वाली एजेंसियों पर नगर निगम गुरुग्राम ने शिकंजा कस दिया है।

    निगम ने एसडब्ल्यूएम मॉनिटरिंग पोर्टल पर निर्धारित जानकारी अपलोड नहीं करने, वाहनों और मैनपावर की कमी, जीपीएस नहीं लगाने और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर दो एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की है।

    बताया कि दोनों एजेंसियों पर कुल 31 लाख 45 हजार 360 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    जोन-6 में सैनिटेशन कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराने वाली केएस मल्टीफेसलिटी सर्विसेज लिमिटेड को दस ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चालक और सात हेल्परों के साथ उपलब्ध करानी थीं।

    15 जून से 31 जुलाई तक 9.40 लाख का जुर्माना

    निगम की जांच में निर्धारित वाहनों का एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर पंजीकरण नहीं पाया गया। इसके चलते प्रति वाहन प्रतिदिन दो हजार रुपये की दर से 15 जून से 31 जुलाई तक 9.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। एजेंसी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।

    53 वाहनों के बजाय कई दिन कम वाहन मिले

    जोन-6 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का काम कर रही द क्लासिक मैनपावर एंड कंस्ट्रक्शन सर्विसेज भी निगम की कार्रवाई के घेरे में आई है। एजेंसी को 53 वाहन, 53 चालक-हेल्पर और तीन सुपरवाइजर तैनात करने थे।

    निगम की निगरानी में जुलाई के दौरान कई दिनों में निर्धारित संख्या से कम वाहन संचालित पाए गए। वाहन संचालन, भौतिक सत्यापन और एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर दर्ज जानकारी के आधार पर एजेंसी पर 20 लाख 49 हजार 641 रुपये की पेनल्टी लगाई गई।

    उपस्थिति पोर्टल पर नहीं, जीपीएस भी अधूरा

    जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी ने मैनपावर का एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर पंजीकरण और एरिया असाइनमेंट पूरा नहीं किया था। सभी वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था भी नहीं मिली और जीपीएस क्रेडेंशियल उपलब्ध कराने में भी कमी रही।

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    इसके अलावा कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई। केवल मैनपावर की उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर 1 लाख 55 हजार 719 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। इस तरह एजेंसी पर कुल 22,05,360 रुपये की पेनल्टी हुई।

    बिल से भी ज्यादा जुर्माना

    इस कार्रवाई में खास बात यह है कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एजेंसी का टेंडर के अनुसार एक महीने का बिल करीब 21 लाख रुपये है। इसके बावजूद जुलाई में ही एजेंसी पर 22.05 लाख रुपये की पेनल्टी लग गई। यानी एक माह के भुगतान से अधिक राशि का जुर्माना निगम ने लगाया है।

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    जवाबदेही तय करने के साथ ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी

    नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह ने कहा कि सफाई व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को कार्यादेश और आरएफपी की सभी शर्तों का पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध आर्थिक दंड के साथ अन्य अनुबंधीय कार्रवाई भी की जाएगी। इसी क्रम में दोनों एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।