4287 कैमरों से होगी गुरुग्राम की निगरानी, ट्रैफिक निमयों के उल्लंघन पर ऑटोमैटिक कटेगा चालान
गुरुग्राम में दिसंबर 2026 तक 4287 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार होगा, जिससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर स्वचालित चालान ...और पढ़ें
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गुरुग्राम में 4287 कैमरों से होगी शहर की चौबीसों घंटे निगरानी।
HighLights
दिसंबर 2026 तक 4287 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे गुरुग्राम में।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर स्वचालित चालान की व्यवस्था।
जलभराव और कूड़ा डंपिंग पर भी रहेगी कैमरों की नजर।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से लेकर जलभराव और खुले में कूड़ा डालने वालों तक पर अब कैमरों की नजर रहेगी। दिसंबर 2026 तक गुरुग्राम में 4287 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इनमें 1200 कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं, जबकि 2722 कैमरे दूसरे चरण में लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सहयोग से 365 कैमरे 23 प्रमुख जंक्शन पर लगाए जा रहे हैं।
जीएमडीए के दूसरे चरण में 1406 एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनके जरिए वाहनों के नंबर प्लेट की पहचान की जा सकेगी। इसके अलावा 102 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरे और 20 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन कैमरों में दर्ज होने के बाद चालान की प्रक्रिया अपने आप शुरू होगी। इससे यातायात पुलिस की मैनुअल निगरानी पर निर्भरता कम होगी।
23 जंक्शन पर 365 कैमरे और 29 स्पीड रडार
मारुति सुजुकी इंडिया के सहयोग से एसपीआर और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के आठ, साइबर सिटी-गोल्फ कोर्स के बीच चार, एमजी रोड के पांच और ओल्ड दिल्ली रोड के छह प्रमुख जंक्शन पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर 29 स्पीड रडार भी लगाए जाएंगे।
मानेसर से पालम विहार तक बढ़ेगा नेटवर्क
मारुति सुजुकी के सीएसआर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 69 और जंक्शन पर एक हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसमें मानेसर, आइएमटी, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, सुशांत लोक, कन्हई और पालम विहार कारिडोर सहित कई क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं।
जलभराव और कूड़ा डंपिंग पर भी रहेगी नजर
अब निगरानी का दायरा केवल ट्रैफिक तक सीमित नहीं रहेगा। जीएमडीए ने ड्रेनेज प्वाइंट, नालों, जलभराव वाले स्थानों, ड्रेनों तथा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट को भी कैमरा नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की है। इन स्थानों की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी। इससे जलभराव या कूड़ा डंपिंग की सूचना तत्काल संबंधित एजेंसी तक पहुंचाई जा सकेगी।
सीईओ ने नेटवर्क को जल्द आइसीसीसी से जोड़ने को कहा
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी सीसीटीवी परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने दूसरे चरण के कैमरों और मारुति सुजुकी के सहयोग से चल रहे प्रोजेक्ट में तेजी लाने के निर्देश दिए।
