ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बिना मुआवजे जमीन नहीं देंगे सोतई के किसान, 12 गांवों की महापंचायत का एलान
बल्लभगढ़ के सोतई गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बिना मुआवजे के जमीन अधिग्रहण के खिलाफ 12 गांवों की महापंचायत ...और पढ़ें

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बिना मुआवजे के जमीन अधिग्रहण के खिलाफ 12 गांवों की महापंचायत हुई। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
सोतई गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण का विरोध प्रदर्शन।
महापंचायत ने बिना मुआवजे जमीन न देने का लिया फैसला।
केंद्रीय मंत्रियों और विधायकों से मिलेगी 21 सदस्यीय समिति।
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। सोतई गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए किसानों को बिना मुआवजा दिए पट्टी शामलात भूमि पर प्रशासन द्वारा जबरन कब्जा लेने की कार्रवाई के विरोध में 12 गांवों की पंचायत हुई। पंचायत की अध्यक्षता किसान नेता रामराज भाटी ने की।
पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि भूमि का मुआवजा नहीं तो कब्जा भी नहीं देंगे। इस मामले में एक 21 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व अन्य विधायकों से मिलेगी।
सोतई गांव में जाट पट्टी शामलात भूमि पर एलिवेटेड मार्ग बनेगा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सेक्टर-65 से 32 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण एनएचएआई कर रहा है। इसके लिए सोतई गांव में जाट पट्टी शामलात भूमि पर एलिवेटेड मार्ग बनाना है। इसके लिए एनएचएआई को भूमि पर कब्जा लेना है।
किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। भूमि अर्जन अधिकारी ने भूमि का मुआवजा कोर्ट में जमा करा दिया। कोर्ट में नगर निगम और किसानों को पार्टी बना दिया। कोर्ट ने अभी तक न तो किसानों और न ही नगर निगम को मुआवजा दिया है।
प्रशासन ने पुलिस की मदद से मौके पर कब्जा ले लिया। अब किसान कब्जा लेने का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को गांव में इस मामले में डीग, सोतई, शाहपुर कलां, बहबलपुर, लढौली, पीएम डीग, असावटी, सुनपेड़, सागरपुर, साहूपुरा, पियाला, डूंडसा की पंचायत बुलाई गई। पंचायत की अध्यक्षता किसान नेता रामराज भाटी ने की।
स्थिति से निबटने के लिए एसडीएम मयंक भारद्वाज और पुलिस बल तैनात
पंचायत में पृथला के कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक नयनपाल रावत, कांग्रेस नेता ठाकुर राजाराम, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत, सुरेंद्र चौहान ने संबोधित किया। मौके पर किसी भी स्थिति से निबटने के लिए एसडीएम मयंक भारद्वाज और पुलिस बल तैनात था।
भूमि अधिग्रहण अधिनियम में यह प्रावधान है कि यदि कोई राष्ट्रीय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की जाती है और पार्टियों में विवाद है तो भूमि का मुआवजा कोर्ट में जमा करा दो और काम शुरू करा दो। क्योंकि कोर्ट असली मालिक को मुआवजा दे देगा, लेकिन फैसला आने तक कितना समय लग जाए।
कोर्ट के फैसले की इंतजार में काम को नहीं रोका जा सकता। वैसे पंचायत ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की भूमि पर नहीं की गई। पंचायत अलग जगह पर की गई है। एनएचएआई अपना काम शुरू करेगा। काम को नहीं रोका जा सकता। - मयंक भारद्वाज, एसडीएम
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