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    फरीदाबाद की सड़कों पर ‘टेंपरेरी नंबर’ का खेल, गलत नंबर प्लेट से पुलिस भी परेशान; अब होगी सख्ती

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 05:05 AM (IST)

    फरीदाबाद में अस्थायी या अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहन पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं, जिससे पहचान और आपराधिक मामलों में ट्रेसिंग मुश्किल हो रही है। ...और पढ़ें

    फरीदाबाद में अस्थायी या अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहन पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।

    फरीदाबाद में अस्थायी या अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहन पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।

    हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऐसे वाहन, जिनकी नंबर प्लेट पर स्थायी पंजीकरण नंबर के बजाय अस्थायी या अस्पष्ट नंबर लिखे हैं, अब पुलिस के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं। कई वाहनों पर अस्थायी नंबर के नाम पर मनमाने अंक लिखे होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे वाहनों की पहचान करना, उनके चालान की कार्रवाई करना और किसी आपराधिक वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज से उन्हें ट्रेस करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है।

    अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था नए वाहनों के लिए है। परिवहन विभाग के अनुसार डीलर की ओर से दिया गया अस्थायी पंजीकरण सामान्य तौर पर अधिकतम एक महीने के लिए वैध होता है, जिसके दौरान वाहन का स्थायी पंजीकरण कराया जाना होता है। इसके बावजूद शहर में ऐसे वाहन भी नजर आ रहे हैं, जिन पर अस्थायी नंबर का हवाला देकर लंबे समय तक वाहन चलाए जा रहे हैं।

    नंबर की जगह कुछ भी लिखकर निकल रहे सड़क पर

    पुलिस के सामने सबसे बड़ी परेशानी तब आती है, जब वाहन की प्लेट पर ऐसा नंबर लिखा होता है जो वास्तविक पंजीकरण रिकार्ड से मेल नहीं खाता। सामान्य स्थिति में अस्थायी नंबर प्लेट से भी वाहन की पहचान कर सीसीटीवी फुटेज, ई-चालान और अन्य पुलिस रिकार्ड को जोड़ा जा सकता है।

    लेकिन गलत या अस्पष्ट नंबर होने पर यह पूरी कड़ी टूट जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस वाहन को रोककर कागजात की जांच करे तो चालक कई बार अस्थायी नंबर होने का हवाला देकर बचने का प्रयास करता है। वहीं, कैमरे में दर्ज नंबर गलत होने पर वाहन मालिक तक पहुंचना भी चुनौती बन जाता है।

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    अपराध में इस्तेमाल होने की आशंका ने बढ़ाई चिंता

    पुलिस के लिए यह समस्या केवल यातायात नियमों तक सीमित नहीं है। फर्जी या बदले हुए नंबर वाली गाड़ियों का इस्तेमाल आपराधिक वारदातों में होने की आशंका रहती है। मई 2026 में बल्लभगढ़ के तिगांव थाने में एक युवक प्रदीप ने शिकायत दी थी कि उसकी नई बाइक के नाम पर फरीदाबाद में लगातार ई-चालान कट रहे हैं, जबकि उसकी बाइक फरीदाबाद गई ही नहीं थी। जांच में आरोप लगा कि सचिन नामक व्यक्ति उसकी बाइक का अस्थायी नंबर अपनी बाइक पर लगाकर चला रहा था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी

    क्राइम ब्रांच की नजर में आएंगे ऐसे वाहन

    फरीदाबाद पुलिस अब ऐसे वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। एसीपी क्राइम अमन यादव के अनुसार अस्थायी नंबर की आड़ में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच की जाएगी। गलत नंबर, फर्जी नंबर या नियमों के विपरीत नंबर प्लेट लगाकर चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।

    पुलिस का फोकस ऐसे वाहनों की पहचान के साथ उनके दस्तावेज और वास्तविक पंजीकरण की जांच पर रहेगा। खासतौर पर उन वाहनों को जांच के दायरे में लिया जाएगा, जिनकी नंबर प्लेट सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट नहीं आती या जिनका नंबर परिवहन विभाग के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।

    यानी अब ‘टेंपरेरी नंबर’ लिखकर सड़कों पर घूमना आसान नहीं होगा। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद यह भी जांचा जाएगा कि नंबर वास्तव में अस्थायी है या उसकी आड़ में वाहन की असली पहचान छिपाई जा रही है।

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