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    टर्बुलेंस या कॉकपिट की लापरवाही? एयर इंडिया फ्लाइट हादसे की जांच में पायलट के डोप टेस्ट ने बढ़ाई चिंता

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 07:05 AM (IST)

    फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में हुई घटना की जांच में नया मोड़ आया है, जहां एक पायलट के पोस्ट-फ्लाइट डोप टेस्ट की शुरुआती रिपोर्ट पॉजिटिव ...और पढ़ें

    फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में हुई घटना की जांच में नया मोड़ आया है।

    फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में हुई घटना की जांच में नया मोड़ आया है।

    HighLights

    1. पायलट के डोप टेस्ट की शुरुआती रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

    2. उड़ान में हुई घटना में 13 यात्री और 4 क्रू घायल।

    3. डीजीसीए ब्लैक बॉक्स और अंतिम लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। चार अगस्त को फुकेट से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान (एआइ 2379) में ओडिशा के ऊपर हुए हादसे की वजह खराब मौसम का टर्बुलेंस थी या काकपिट में हुई लापरवाही, यह सवाल अब जांच के केंद्र में है।

    लैंडिंग के बाद हुए पोस्ट-फ्लाइट मेडिकल टेस्ट में एक पायलट के साइकोएक्टिव सबस्टेंस (नशे) की शुरुआती स्क्रीनिंग पॉजिटिव आने की खबरों से मामला गरमा गया है। हालांकि, असली तस्वीर जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी कि यह हादसा सिर्फ मौसम का कहर था, पायलट की मानवीय भूल या फिर दोनों का मिला-जुला असर।

    अंतिम रिपोर्ट से खुलेगा सच 

    फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स और एयरलाइन दोनों ने ही अभी किसी नतीजे पर पहुंचने से बचने की सलाह दी है। एअर इंडिया का कहना है कि पायलटों का पोस्ट-फ्लाइट टेस्ट नियमों के तहत कराया गया था, लेकिन टेस्ट के अंतिम नतीजे अभी आधिकारिक रूप से साझा नहीं किए गए हैं। वहीं, एफआइपी अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा के अनुसार, अभी अंतिम लैब रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है, जिससे यह साफ हो सके कि प्राथमिक टेस्ट की पुष्टि होती है या नहीं।

    हादसे और फैसलों पर उठ रहे सवाल 

    घटना के दौरान विमान के अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिरने से 13 यात्री और 4 केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए थे। अब जांच एजेंसियां दो मुख्य बिंदुओं पर पड़ताल कर रही हैं। क्या टर्बुलेंस के दौरान काकपिट का नियंत्रण सही समय पर और सही तरीके से संभाला गया था? गंभीर रूप से घायल यात्रियों के बावजूद नजदीकी एयरपोर्ट पर तुरंत लैंडिंग करने के बजाय दिल्ली तक उड़ान जारी रखने का फैसला क्यों लिया गया?

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    ब्लैक बॉक्स और लैब रिपोर्ट पर टिकी नजरें 

    नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानि डीजीसीए अब विमान के ब्लैक बाक्स के डेटा और लैब से आने वाली अंतिम डोप टेस्ट रिपोर्ट का मिलान कर रहा है।

    नियम और आगे की प्रक्रिया 

    प्राथमिक स्क्रीन टेस्ट के बाद सैंपल को मान्यता प्राप्त लैब में विस्तृत जांच के लिए भेजा जाता है। यदि अंतिम रिपोर्ट में पुष्टि होती है, तो डीजीसीए के नियमों के तहत पहली बार में तीन महीने का लाइसेंस निलंबन और दोहराए जाने पर सख्त कार्रवाई (लाइसेंस रद तक) का प्रविधान है। जांच अधिकारियों का मानना है कि ब्लैक बाक्स की रिकार्डिंग और मेडिकल रिपोर्ट का संयुक्त विश्लेषण ही इस पूरी घटना का सटीक कारण सामने लाएगा।

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