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फरीदाबाद में तीन माह में अधिकारी नहीं गिन पाए अवैध इमारतें, एनआइटी जोन में केवल 22 निर्माण हुए चिह्नित

Published: Mon, 07 Sep 2026 03:48 PM (IST)

फरीदाबाद में अवैध निर्माणों पर नगर निगम अधिकारियों की सुस्ती उजागर हुई है, तीन माह बाद भी बिना नक्शे के बने भवनों की गिनती पूरी नहीं हो पाई है।

फरीदाबाद में अवैध निर्माणों पर निगम की ढिलाई, तीन माह में भी नहीं हो पाई गिनती।

फरीदाबाद में अवैध निर्माणों पर निगम की ढिलाई, तीन माह में भी नहीं हो पाई गिनती।

HighLights

  1. तीन माह में अवैध भवनों की गिनती अधूरी रही।

  2. एनआईटी जोन में केवल 22 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए।

  3. नए आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

दीपक पांडेय, फरीदाबाद। अवैध निर्माणों पर सख्ती को लेकर नगर निगम अधिकारियों के सुस्त रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन माह में भी बिना नक्शे के बने भवनों की गिनती नहीं हो पाई। जून माह में लखनऊ में बिना नक्शे के बने भवन में आग लगने के बाद नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त की ओर से भी सर्वे के आदेश जारी किए गए थे।

चारों जोन के संयुक्त आयुक्त को कहा गया कि वह अपने अपने क्षेत्र में सर्वे करके रिपोर्ट बनाए कि कितने भवन बिना नक्शे के बने हुए है। इसके साथ ही इन भवनों में रिहायशी और वाणिज्यिक कितने हैं। इनमें सुरक्षा को लेकर क्या क्या इंतजाम है। जहां पर यह भवन बनाए गए है। उनके सामने सड़कें कितने फुट की है।

तीन माह में एनआइटी जोन को छोड़कर किसी भी अन्य जोन में भवनों को चिन्हित करने का काम पूरा नहीं हो सका। एनआइटी जोन में भी 22 भवनों को चिन्हित किया गया। जोकि काफी कम संख्या है। जबकि एनआइटी में काफी मकान बिना नक्शे के बने हुए हैं।

दिल्ली बेसमेंट घटना के बाद भी हुआ था सर्वे

नगर निगम की ओर से इससे पहले दिल्ली के कोचिंग सेंटर में बेसमेंट में पानी घुसने के मामले के बाद सभी सर्वे किया गया था। इस दौरान बल्लभगढ़ और फरीदाबाद में 10 से कोचिंग संस्थानों को सील भी किया गया था। लेकिन बिना नक्शे के बनाए गए अन्य भवनों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रीवेंस कमेटी भी उठा है अवैध निर्माण का मामला

हाईकोर्ट की ओर से चार मंजिला इमारत पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद शहर में तोड़फोड़ शाखा के कर्मचारियों के संरक्षण में ही भवनों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रीवेंस कमेटी की अध्यक्ष स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के सामने भी चार मंजिला भवन को लेकर मामला उठा था। तब मंत्री की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि बिना पार्किंग के बनाए जा रहे चार भवनों पर कार्रवाई की जाए। लेकिन पिछले छह माह में बड़खल जोन में सिर्फ 12 चार मंजिला भवनों को तोड़ने की कार्रवाई हुई।

निगम में पदभार संभालने के बाद से ही हड़ताल की वजह से बिगड़ी कूड़ा व्यवस्था सुधारने में व्यस्तता बढ़ गई है। बिना नक्शे के बनाए जा रहे भवनों को लेकर प्लानिंग और तोड़फोड़ शाखा दोनों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद भी जो भी स्थिति सामने आएगी। उसके अनुसार कार्रवाई होगी। - यशेंद्र सिंह, आयुक्त नगर निगम

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