तीन प्रदेशों को जोड़ने वाली फरीदाबाद की आगरा नहर रोड बदहाल, मरम्मत को लेकर फिर शुरू हुई कवायद
आगरा नहर के किनारे तीन प्रदेशों को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर हालत को लेकर यूपी सिंचाई विभाग ने एफएमडीए को मरम्मत के लिए दोबारा पत्र लिखा है। सड़क में ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
आगरा नहर किनारे की सड़क की हालत जर्जर, गड्ढे और दरारें।
यूपी सिंचाई विभाग ने एफएमडीए को मरम्मत का एस्टीमेट भेजा।
एफएमडीए एस्टीमेट को अधिक बताकर जांच कराने की बात कह रहा।
सुभाष डागर, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। तीन प्रदेशों को जोड़ने वाली आगरा नहर के किनारे वाली सड़क की जर्जर हालत को लेकर यूपी सिंचाई विभाग ने एफएमडीए को एस्टीमेट मंजूरी के लिए दोबारा पत्र लिखा है। यहां से रोजाना लाखों लोगों का आवागमन होता है। सड़क में बने गड्ढों से दुर्घटना घटने की आशंका बनी रहती है।
आगरा नहर पर यूपी सिंचाई विभाग का नियंत्रण है। यूपी सिंचाई विभाग नहर के ऊपर तथा किनारे किसी भी तरह का कोई निर्माण हरियाणा के किसी भी विभाग को करने की अनुमति नहीं देता है। नहर के ऊपर व किनारे यूपी सिंचाई विभाग संबंधित प्रदेश से अनुदान लेकर खुद निर्माण करता है।
आगरा नहर के किनारे जो सड़क बनाई गई है यह मीठापुर से लेकर प्रहलादपुर माजरा डीग तक यूपी सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई है। सड़क में जगह-जगह पर गड्ढे बन गए हैं और इसमें दरार फट गई हैं। सड़क पर रात को लाइट न होने के कारण अंधेरा रहता है।
सड़क से रोजाना लाखों लोग दक्षिण दिल्ली बदरपुर बार्डर, जैतपुर, मीठापुर, मदनपुर खादर, सरिता विहार, शाहिन बाग, यूपी के नोएड़ा, गाजियाबाद के लिए लाखों लोगों का आवागमन होता है। सड़क में बनने गड्ढों में रात के अंधेरे में दिखाई न देने के कारण दुर्घटना घटने की आशंका बनी रहती है।
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नहर किनारे की दीवार भी जगह-जगह से टूट गई है। इससे किसी वाहन के भी नहर गिरने की आशंका बनी हुई है। सड़क को बनाने के लिए यूपी सिंचाई विभाग ने एफएमडीए को एस्टीमेट दिया हुआ है। इस एस्टीमेट को मंजूर करने के लिए भी एफएमडीए से यूपी सिंचाई विभाग ने कहा है। एफएमडीए के अधिकारी इस एस्टीमेट को ज्यादा बता रहे हैं और वह इसकी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
क्या बोले लोग
एफएमडीए को एस्टीमेट की जांच कराकर जो राशि बनती है उसे मंजूर कर देना चाहिए। ताकि सड़क काे समय रहते हुए बनाया जा सके। जब सड़क में बने इन गड्ढों से दो-चार दुर्घटना घट जाएंगी और लोगों की जान चली जाएगी तब एस्टीमेट मंजूर करने से कोई खास फायदा हो जाएगा।
महेंद्र अग्रवाल
जब एफएमडीए को पता है कि सड़क का निर्माण यूपी सिंचाई विभाग ही करेगा तो इस मामले में बातचीत करनी चाहिए कि एस्टीमेट ज्यादा है। इसे कम किया जाए। एफएमडीए को अपने अभियंताओं की रिपोर्ट के अनुसार एस्टीमेट बताना चाहिए। बिना बातचीत के समाधान नहीं होगा।
नरेंद्र यादव
आगरा नहर किनारे जो सड़क है, उसे बनाने के लिए एफएमडीए को एस्टीमेट दिया हुआ है, जो अभी तक मंजूर नहीं किया। इस मामले में पहले भी एफएमडीए को पत्र लिखा था। अब दोबारा इस मामले में पत्र लिख कर भेजा है। ताकि इस पर काम किया शुरू किया जा सके। जो खेड़़ीपृुल के पास वर्षा के दौरान सड़क धंस गई थी, उसे लेकर भी एफएमडीएम को पत्र लिखा है, ताकि वहां पर सड़क को और मजबूत बनाया जा सके।
कमला शंकर, कनिष्ठ अभियंता यूपी सिंचाई विभाग नोएडा
यूपी सिंचाई विभाग को पहली किश्त 50 लाख रुपये एक-दो दिन में दिया जाएगा। इसका यूपी सिंचाई विभाग ने टेंडर लगा दिया है। जल्दी ही यूपी सिंचाई विभाग सड़क को बनाने का काम शुरू कर देगा।
केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए