49 साल पहले जब इंदिरा गांधी सरकार ने Kishore Kumar के गानों पर लगा दिया था बैन, क्या थी नाराजगी की वजह?
इंदिरा गांधी सरकार ने 1975-77 के आपातकाल के दौरान किशोर कुमार के गानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध इसलिए लगा क्योंकि किशोर कुमार ने कांग्रेस ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। किशोर कुमार (Kishore Kumar) के कई ऐसे आइकॉनिक गाने हैं जो हर जेनरेशन के लोगों को पसंद आते हैं। 'एक लड़की भीगी भागी सी', 'हमे तुमसे प्यार कितना', 'रूप तेरा मस्ताना' और 'ये शाम मस्तानी' कुछ ऐसे क्लासिकल गाने हैं कि दशकों बाद भी ये वहीं स्वाद और मजा देते हैं जो पहले देते थे।
किशोर कुमार को भुगतना पड़ा परिणाम
लेकिन क्या आपको पता है कि एक ऐसा समय भी था जब इंदिरा गांधी सरकार को किशोर कुमार के गानों पर बैन लगाना पड़ा था। जी हां, साल 1975 और 1977 के बीच आपातकाल के दौरान, किशोर कुमार ने खुद को एक राजनीतिक तूफान में घिरा हुआ पाया। सरकारी निर्देशों का पालन करने से इनकार करने पर, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़े।
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किशोर कुमार के गानों को ऑल इंडिया रेडियो (AIR) और दूरदर्शन पर अचानक बैन कर दिए गया था। लोकप्रिय बिनाका गीतमाला म्यूजिक काउंटडाउन में घटी यह सेंसरशिप, भारतीय इतिहास के सबसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील सांस्कृतिक क्षणों में से एक थी।
AIR और दूरदर्शन से कर दिया गया बैन
भारत की स्वतंत्रता के बाद, ऑल इंडिया रेडियो (AIR) ने हिंदी फिल्म संगीत के प्रसारण पर कड़े नियम लागू कर दिए, जिससे संगीत प्रेमियों के लिए एक खालीपन सा पैदा हो गया। इस खालीपन को जल्द ही 'बिनाका गीतमाला' नामक रेडियो कार्यक्रम ने भर दिया, जो 1952 में रेडियो सीलोन (अब श्रीलंका ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन) पर शुरू हुआ और देखते ही देखते पूरे भारत के श्रोताओं के लिए मनोरंजन का एक पसंदीदा स्रोत बन गया।
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भारतीय श्रोताओं के लिए सुलभ कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों में से एक होने के नाते, इस कार्यक्रम ने फिल्मी गीतों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन उस वक्त कांग्रेस सरकार ने किशोर कुमार के सामने एक प्रस्ताव रखा जिसे उन्होंने ठुकरा दिया और इसी के बाद ये कदम उठाया गया।
फैंस को लगा तगड़ा झटका
दरअसल कांग्रेस सरकार ने किशोर कुमार के सामने प्रस्ताव रखा था कि वो सरकारी योजना के विज्ञापनों में अपनी आवाज दें जिससे उन्होंने मना कर दिया। इंदिरा गांधी सरकार में सूचना एंव प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला ने ये प्रस्ताव किशोर कुमार के पास ये संदेश भिजवाया था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। बस यही से दाव उल्टा पड़ा और लगभग अगले 6 महीनों तक किशोर कुमार का कोई भी गाना किसी टीवी या रेडियो कार्यक्रम में सुनाई नहीं दिया। ये उनके फैंस के लिए बड़ा झटका था।