'गर्भवती थी तो उन्होंने मेरा बहुत ध्यान रखा', Nana Patekar को याद कर छलका Sonali Kulkarni का दर्द
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी को स्टार सोनाली कुलकर्णी ने उन्हें याद करते हुए अभिनेता के साथ हुए झगड़ों से लेकर बिताए कुछ खास पलों को याद किया।

सोनाली कुलकर्णी ने किया नाना पाटेकर को याद/फोटो-इंस्टाग्राम
HighLights
नाना पाटेकर से छोटी-छोटी बातों पर खूब झगड़े होते थे
नाना पाटेकर को टीवी शोज देखने में आता था मजा
गर्भावस्था के दौरान नाना पाटेकर ने रखा पूरा ध्यान
प्रियंका सिंह, मुंबई। छोटी-छोटी बातों पर अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी (Sonali Kulkarni) की नाना पाटेकर से बहस हो जाती थी। खूब झगड़ते भी थे, लेकिन फिर उतने ही प्यार से बातें भी करते थे। दिग्गज अभिनेता के निधन के बाद सोनाली कुलकर्णी ने अभिनेता से जुड़ी कई यादों को शेयर किया।
'वह झगड़ो को याद नहीं रखते थे'
नाना पाटेकर (Nana Patekar Death) के साथ टैक्सी नंबर 9211, देऊळ और डॉक्टर प्रकाश बाबा आम्टे - द रियल हीरो फिल्मों में काम कर चुकीं सोनाली कहती हैं, "मन मानना नहीं चाहता है कि नाना सर नहीं रहे। छोटी-छोटी बातों पर हमारे खूब झगड़े होते थे, बहस हो जाती थी, लेकिन वह कोई भी झगड़ा याद नहीं रखते थे। साहित्य प्रेमी थे। जब भी मिलते थे, तो पूछते थे क्या पढ़ रही हो इन दिनों, यह उनका पसंदीदा प्रश्न था।

नाना पाटेकर को टीवी सीरियल देखना पसंद था
सोनाली कुलकर्णी ने आगे कहा, " हैरानी होगी, लेकिन नाना सर को टीवी सीरियल देखना बहुत पसंद था। खाना बनाने के शौकीन थे, पहली बार जब मेरे यहां आए थे, तो मैंने उनसे पूछा था कि आपके लिए क्या बनाऊं, तो उन्होंने कहा कि साबूदाने की खिचड़ी और पोहे बनाओ। जब बनाकर दिया, तो गुस्से में बोले ऐसे नहीं बनता है, मैंने कहा कि हां आप सही कह रहे हैं।"

नाना पाटेकर ने को-स्टार का रखा ध्यान
पहली बार मैंने उन्हें एनसीपीए (नेशनल सेंटर फार द परफार्मिंग आर्ट्स) में दूर से देखा था। वह डॉक्टर जब्बार पटेल के लिए डाक्यूमेंट्री शूट कर रहे थे, जो कुसुमाग्रज की मराठी में अनुवादित 'ओथेलो' नाटक पर आधारित थी। मैं वहां उपस्थिति थी, क्योंकि उसके बाद वहां मुझे एक कविता कहनी थी। जब हमने देऊळ फिल्म की थी, तो उस दौरान मैं गर्भवती थी, तब उन्होंने मेरा काफी ध्यान रखा था। जब भी फोन करते थे, हर बार मेरे पति और बेटी के बारे में पूछते थे। उन्होंने समाज को बहुत कुछ दिया, प्रेम दिया, उसके बदले कभी कुछ चाहा नहीं। मुझे लगता है कि यह सीखने वाली बात है।"
