आदित्य चोपड़ा की एक चुनौती ने Ranveer Singh को बनाया सिनेमा का 'धुरंधर', बुरे दौर को मात देकर कैसे बने Box Office 'किंग'?
अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की जर्नी सिर्फ एक स्टार बनने की कहानी नहीं, बल्कि अभिनय के प्रति अटूट समर्पण
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एक चुनौती ने रणवीर सिंह को बनाया 'धुरंधर'
HighLights
एक चुनौती ने रणवीर सिंह को बनाया 'धुरंधर'
कैसे बने बॉक्स ऑफिस के किंग?
इन फिल्ममेकर्स ने करियर को दी ऊंचाई
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई । कोरोना काल के बाद जब हिंदी सिनेमा की गुणवत्ता और बाक्स ऑफिस पर उसकी पकड़ को लेकर सवाल उठ
रहे थे और पैन-इंडिया फिल्मों का दबदबा बढ़ रहा था, तभी पिछले साल बिना किसी बड़े प्रचार-प्रसार के आई फिल्म 'धुरंधर' ने इतिहास रच दिया। लंबे बाल, भूरी आंखें और अफगानी पठानी हमजा के किरदार में रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने ऐसा असर छोड़ा कि दर्शकों का दिल जीत लिया।
धुरंधर से रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने बनाया इतिहास
उसके बाद हमजा के अतीत और आगे की कहानी को जानने के लिए दर्शक बेसब्री से दूसरे भाग का इंतजार करने लगे। आखिरकार, गत अप्रैल में रिलीज हुई 'धुरंधर: द रिवेंज' (Dhurandhar: The Revenge) ने न केवल उस एक्साइटमेंट को संतोषजनक अंजाम दिया, बल्कि रणवीर के नाम बाक्स ऑफिस (Box Office) पर ऐतिहासिक उपलब्धि भी दर्ज कर दी।
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जब अमेरिका में पहचाना अपना हुनर
भारतीय सिनेमा का यह चमकता सितारा छह जुलाई को अपने जीवन के 40वें वसंत को पूरा कर रहा है। रणवीर सिंह जिनका पूरा नाम रणवीर सिंह भवनानी है, बचपन से ही अभिनेता बनना चाहते थे। स्कूल के दिनों से ही उन्हें नाटक, डिबेट और मंच पर प्रदर्शन करना पसंद था। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन्होंने एक्टिंग क्लास में एडमिशन लिया।
पहली फिल्म से ही दर्शकों के दिलों में बनाई पहचान
पहले ही दिन टीचर ने बिना परिचय दिए केवल अभिनय करने को कहा। उसी दिन उन्हें एहसास हुआ कि यही उनका असली जुनून है और अगर उन्होंने अभिनय नहीं किया तो जीवनभर पछतावा रहेगा। मुंबई वापसी पर शुरुआती संघर्ष के बाद यशराज फिल्स की फिल्म बैंड बाजा बारात मिलने के बाद उन्होंने बिट्टू शर्मा के किरदार की तैयारी के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच समय बिताया, ताकि वहां के लड़कों की भाषा, हावभाव और रवैये को करीब से समझ सकें।
आदित्य चोपड़ा की बात को चुनौती की तरह लिया
इस दौर में तीनों खान (आमिर, सलमान और शाहरुख) छाए हुए थे। रणवीर ने बताया था कि आदित्य चोपड़ा (Aditya Chopra) ने उनसे दूसरी मुलाकात के दौरान कहा था कि तुम रितिक रोशन (Hrithik Roshan) जैसे नहीं हो, तुम एक्टिंग कर लेना। उन्होंने इसे चुनौती की तरह लिया और अपनी परफार्मेंस से सबको प्रभावित किया। दरअसल, रणवीर अच्छी तरह से जानते थे कि इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर नहीं है ऐसे में अपनी जिद और मेहनत से किस्मत को भी अपने पक्ष में कर लिया।
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संजय लीला भंसाली ने ऊंचाई पर पहुंचाई करियर
संजय लीला भंसाली की तीन फिल्मों गोलियों की रास लीला : राम लीला, बाजीराव मस्तानी (Bajirao Mastani) और पद्मावत (Padmavat) ने सिर्फ रणवीर सिंह के करियर को आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि उनकी स्टार इमेज, अभिनय की विश्वसनीयता और बॉक्स आफिस हैसियत तीनों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।
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अलाउद्दीन के किरदार ने दर्शकों को किया प्रभावित
पद्मावत में रणवीर सिंह ने अपने करियर में पहली बार नकारात्मक भूमिका निभाई। अलाउद्दीन खिलजी का किरदार उनके लिए बड़ा जोखिम था। उस समय तक उनकी पहचान रोमांटिक और करिश्माई नायक की बन चुकी थी, जबकि खिलजी हिंसक, सनकी, निर्दयी और सत्ता के जुनून में डूबा शासक था। रणवीर ने अपने सशक्त अभिनय से न केवल उस जोखिम को सफलता में बदल दिया, बल्कि आलोचकों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया।
उनके करियर को गति देने में जोया अख्तर की फिल्म दिल धड़कने दो और गली ब्वाय की भी अहम भूमिका रही। रोहित शेट्टी निर्देशित सिंबा में भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई। इस फिल्म की सफलता से साबित किया कि वह मसाला फिल्मों के भी भरोसेमंद सितारे हैं।
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बुरे दौर में नहीं छोड़ी हिम्मत
हालांकि, रोहित शेट्टी के साथ उनकी फिल्म सर्कस दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। कोरोना काल में रिलीज फिल्म 83 में कपिल देव की भूमिका में उनके हाव-भाव, बोलने के अंदाज और गेंदबाजी एक्शन को आत्मसात करने की खूब सराहना हुई, लेकिन बाक्स आफिस को गुलजार नहीं कर पाई। जयेशभाई जोरदार, सर्कस की असफलता ने करियर की रफ्तार धीमी की, लेकिेन राकी और रानी की प्रेम कहानी की सफलता ने मजबूत वापसी का मौका दिया।
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नए कलाकारों को देते हैं ये सलाह
बहरहाल, कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचने के बावजूद रणवीर सिंह का कला के प्रति समर्पण कभी कम नहीं हुआ। साल 2021 में उन्होंने संघर्ष कर रहे कलाकारों को सलाह देते हुए कहा था कि अगर कोई सिर्फ शोहरत या पैसे के लिए अभिनेता बनना चाहता है तो यह पेशा उसके लिए नहीं है। रणवीर ने इसे साबित करके दिखाया है कि यह महज कथन नहीं है।
इस साल मिली दोहरी खुशी
बहरहाल, यह साल उनके लिए दोहरी खुशी भी लाया है एक तरफ धुरंधर का जश्न दूसरी ओर वह दूसरी बार पिता बनने जा रहे हैं। वहीं अगस्त से फिल्म प्रलय की शूटिंग भी शुरू करेंगे। रणवीर की यात्रा अभी अपने शिखर पर नहीं, बल्कि नए अध्यायों की ओर बढ़ रही है। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वह अभिनय के और भी नए आयाम रचेंगे।
