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    'मेरे जैसे कलाकार ही सही...' 4000 करोड़ी Ramayana में 'मारीच' बने सौरभ सचदेवा ने खोला एक्टिंग का सबसे बड़ा राज!

    By Deepesh PandeyEdited By: Rinki Tiwari
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 09:06 AM (IST)

    अभिनेता सौरभ सचदेवा (Saurabh Sachdeva) ने अभिनय के दो राज से पर्दा हटाया है। वह जल्द ही रामायण (Ramayana) में नजर आएंगे। ...और पढ़ें

    सौरभ सचदेवा ने बताए एक्टिंग के राज। फोटो क्रेडिट- एक्स

    सौरभ सचदेवा ने बताए एक्टिंग के राज। फोटो क्रेडिट- एक्स

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    दीपेश पांडेय , मुंबई। सिनेमा जगत में दो तरह के कलाकार होते हैं, पहला जो अपने पात्रों की तैयारी में लंबा समय लेते हैं, गहराई में जाकर उसे समझते हैं। दूसरा वो जो स्क्रिप्ट पढ़कर सीधे सेट पर निकली अपनी त्वरित रचनात्मकता और प्रतिक्रिया पर भरोसा करते हैं।

    एनिमल (Animal) और बागी 4 (Baaghi 4) फिल्मों के अभिनेता सौरभ सचदेवा (Saurabh Sachdeva) अभिनय करने के साथ-साथ कलाकारों को अभिनय सिखाते भी हैं। सौरभ का मानना है कि इसका कोई तय नियम नहीं है।

    खुद को ही मानते थे सही कलाकार

    रामायण (Ramayana) में मारीच की भूमिका निभाने वाले सौरभ सचदेवा कहते हैं, "दोनों अपने आप में सही हैं। कई कलाकार सेट पर जाकर बिना समय लिए ही बहुत कमाल का काम कर देते हैं। मैंने तो ऐसे भी कलाकार देखे हैं, जो थोड़ी देर पहले अपनी वैनिटी वैन में मस्ती कर रहे होते हैं, लेकिन जैसे ही सेट पर आकर अपना डायलॉग बोलते हैं, तो लगता है कि इतना कमाल का काम कैसे किया? सेट से अपनी वैनिटी में जाते ही दोबारा मजाक-मस्ती शुरू कर देते हैं।

    Saurabh Sachdeva

    वहीं कुछ कलाकार मेरे जैसे भी हैं, जो अपने पात्र पर बहुत काम करना चाहते हैं। उस पर बहुत समय देते हैं। पहले मुझे लगता था कि मेरे जैसे कलाकार ही सही हैं। फिर जब मैं शूटिंग सेट पर सामने ऐसे कलाकारों को देखने लगा, जो सेट पर आकर तुरंत पात्र में ढल जाते हैं, तब मुझे समझ आया कि बिना ज्यादा तैयारी के भी अच्छा काम करना संभव है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मैं तो बस अपने दिमाग में फंसा हुआ था कि जैसा मैं सोचता हूं, अच्छा काम बस वैसे ही हो सकता है।

    OTT सीरीज से मिली सीख

    वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स और फिल्म मनमर्जियां समेत कई प्रोजेक्ट्स में मुझे भी सीधे सेट पर ही स्क्रिप्ट मिलती थी। मैं वहीं पर तैयारी करके परफॉर्म करता था। उसमें भी लोगों को मेरा काम पसंद आया। मुझे भी उन प्रोजेक्ट्स से बहुत सीख मिली। इसलिए मेरा मानना है क्रिएटिव (रचनात्मक) प्रक्रिया में कोई एक निश्चित नियम नहीं होता है।

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    Saurabh Sachdeva Movies

    सबके लिए इसके अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। यह सोचना अपरिपक्वता है कि जैसी तैयारी मैं करता हूं, अच्छे काम का सिर्फ वही एक तरीका है। जब इस इंडस्ट्री में शुरू-शुरू आया था, तो वही अपरिपक्वता मेरे अंदर भी थी।

    इरफान और गोविंदा की एक्टिंग पर क्या कहा?

    हालांकि, पूरी दुनिया में दोनों तरह के बेहतरीन कलाकार हैं। एक तरफ इरफान (अभिनेता) और डेनियल डे लुईस (हॉलीवुड अभिनेता) जैसे कलाकार हैं, जो अपने पात्रों की लंबी तैयारी में यकीन रखते थे। वहीं दूसरी तरफ गोविंदा (Govinda) जैसे कलाकार भी हैं, जो सेट पर पहुंचकर स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत अपने काम से अचंभित कर देते हैं।" सौरभ आगामी दिनों में रामायण और एनिमल पार्क फिल्मों में नजर आएंगे।

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