विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, कैसे चीन में बॉलीवुड की राह आसान करेंगे मोदी!

By Monika SharmaEdited By:
Updated: Thu, 14 May 2015 11:37 AM (IST)

चीन की सरकार ने बॉलीवुड फिल्मों की राह आसान करने का वादा तो कर दिया था लेकिन वादे पर अब तक अमल नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत पर मिलेंगे तो भारतीय फिल्मों के लिए वहां के बाजार को खोलने

News Article Hero Image

नई दिल्ली। चीन की सरकार ने बॉलीवुड फिल्मों की राह आसान करने का वादा तो कर दिया था लेकिन वादे पर अब तक अमल नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत पर मिलेंगे तो भारतीय फिल्मों के लिए वहां के बाजार को खोलने का मुद्दा उठाएंगे। उम्मीद है कि इस बार अमल का रोडमैप तैयार हो जाएगा।

जिया खान केस में पंचोली के घरों पर सीबीआइ का छापा

चीन में हाल के सालो में कई भारतीय फिल्मों को बहुत ज्यादा सफलता हासिल हुई है। आमिर खान की अभिनय वाली ‘3 इडियट्स’ वहां दो साल बाद रिलीज हुई और पहले दो हफ्ते में ही 12 करोड़ रुपये का कारोबार कर डाला। इसके बाद से कई भारतीय निर्माता वहां फिल्म रिलीज करने की कोशिश करते रहे हैं। लेकिन चीनी सरकार की बंदिशों की वजह से ये संभव नहीं हो पा रहा है।

इस मुद्दे को जब भारत सरकार ने द्विपक्षीय स्तर पर उठाया था कि ज्यादा भारतीय फिल्मों के रिलीज की अनुमति दी जाए तो चीन ने भी रजामंदी दे दी थी। शिनफिंग की सितंबर, 2014 की भारत यात्र के दौरान सहमति भी बन गई थी।

फोटोशूट के लिए फिर न्यूड हो गई ये एक्ट्रेस!

उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक समझौते के सात महीने बाद भी चीन ने अमल के लिए कोई कदम नहीं उठाया। दरअसल, चीन की सरकार एक साल में महज 34 विदेशी फिल्मों के आयात को इजाजत देती है। इसका एक बड़ा हिस्सा हॉलीवुड फिल्में हथिया लेती हैं। ऐसे में भारतीय फिल्मों को वहां सार्वजनिक प्रदर्शन का मौका नहीं मिल पाता है। जबकि असंगठित तौर पर भारत में निर्मित हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों को वहां स्थानीय भाषा में डब कर इंटरनेट के जरिए रिलीज किया जाता है।

चीन के युवाओं में भारतीय फिल्मों, गीत-संगीत की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अब देखना है कि मोदी चीन को मनाने में कितना सफल रहते हैं।

क्यों अपनी फ़ीस घटाने को मजबूर हैं ये अभिनेत्रियां!