जन्माष्टमी पर स्कूलों में जरूर सुनाई देता है कान्हा का ये गीत, 25 सालों से राधा-कृष्ण बनकर परफॉर्मेंस दे रहे बच्चे
स्कूलों में जन्माष्टमी (Janmashtami) धूम-धाम से मनाई जाती है। वहीं 25 साल पुराना यह गाना दो दशक से इस त्यौहार की शान बढ़ा रहा है।
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जन्माष्टमी पर स्कूलों में बजता है ये गाना
HighLights
जन्माष्टमी पर स्कूलों में बजता है ये गाना
इसके बिना अधूरी है स्कूलों की जन्माष्टमी
गाने पर परफॉर्मेंस देते हैं बच्चे
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में जन्माष्टमी धूम-धाम से मनाई जा रही है और स्कूलों में इस त्यौहार पर एक अलग ही रौनक होती है। कई संस्थान इस त्यौहार पर बच्चों को राधा कृष्ण की तरह सजाते हैं वहीं बच्चे भी एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस देते हैं।
इन परफॉर्मेंसेस में एक गाना 25 सालों से लगातार जन्माष्टमी पर सुनाई दे रहा है। इस गाने पर बच्चे राधा-कृष्ण बनकर परफॉर्मेंस देते हैं और 2 दशकों से इस गाने का क्रेज वैसा ही बना हुआ है।
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आशा भोसले की मेलोडियस वॉइस
आशा भोंसले 68 साल की थीं जब उन्होंने यह मशहूर गाना रिकॉर्ड किया था। इस गाने में उनकी शानदार गायकी और राधा की जलन व नजाकत, दोनों ही बखूबी झलकती हैं।
25 सालों से स्कूलों में सुनाई दे रहा ये गाना
यह गाना 25 साल पहले रिलीज हुआ था और तब से अब तक इसका क्रेज अब तक वैसा ही बना हुआ है। यह गाना है लगान फिल्म का राधा कैसे ना जले (Radha Kaise Na Jale)। जिसके बोल हैं- मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले, कभी मुस्काए कभी छेड़े कभी बात करे, राधा कैसे ना जले।

इस गाने के बोल में मधुबन के जंगल में भगवान कृष्ण और गोपियों की सदाबहार चंचलता का इस्तेमाल करके राधा की मासूम जलन और चंचल बेचैनी को दिखाया गया है। इस गाने को आमिर खान (Aamir Khan) और ग्रेसी सिंह (Gracy Singh) पर फिल्माया गया है।
ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई 2001 की फिल्म 'लगान' (Lagaan) का गाना 'राधा कैसे न जले' एक सदाबहार क्लासिक है, जिसे ए.आर. रहमान ने कंपोज किया है और इसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं। आशा भोसले के अलावा इसमें उदित नारायण और वैशाली सामंत ने आवाज दी है।
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ऑस्कर में मिला था खास सम्मान
इस गाने की लोकप्रियता सिर्फ भारत में ही नहीं रही बल्कि इसे ग्लोबल स्तर पर भी बखूबी सराहा गया। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (ऑस्कर) ने इस गाने में आमिर खान और ग्रेसी सिंह की शानदार परफॉर्मेंस को खास सम्मान दिया था।
'लगान: वन्स अपॉन ए टाइम इन इंडिया', 2001 में रिलीज हुई एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है। इसे आशुतोष गोवारिकर ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इस फिल्म को आमिर खान ने प्रोड्यूस किया है और इसमें उन्होंने मुख्य भूमिका भी निभाई है।
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1893 में भारत में ब्रिटिश राज के दौरान विक्टोरियन युग के आखिर में सेट यह फिल्म मध्य भारत के एक गांव के लोगों की कहानी है। भारी टैक्स और कई सालों के सूखे से परेशान इन लोगों को ब्रिटिश इंडियन आर्मी के एक घमंडी अफसर ने क्रिकेट का मैच खेलने की चुनौती दी। शर्त यह थी कि अगर वे मैच जीत जाते हैं, तो उन्हें बकाया टैक्स नहीं देना होगा। गांव वालों के सामने एक ऐसा खेल सीखने और उसमें जीत हासिल करने की मुश्किल चुनौती थी, जिसके बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी।
