14 साल बाद लीड रोल में Karisma Kapoor की वापसी, पहले रिजेक्ट किया था Brown का ऑफर
बी टाउन एक्ट्रेस करिश्मा कपूर ने हाल ही में वेब सीरीज ब्राउन के जरिए सिनेमा जगत में कमबैक किया है। ...और पढ़ें

एक्ट्रेस करिश्मा कपूर (फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम)
HighLights
रिलीज हुई वेब सीरीज ब्राउन
करिश्मा कपूर ने किया कमबैक
वापसी को लेकर बोलीं करिश्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई। कभी पिछली सदी के नौवें दशक में एक साथ तीन-चार फिल्मों की शूटिंग करने वाली अभिनेत्री करिश्मा कपूर इन दिनों बहुत चुनिंदा काम कर रही हैं। इन्हीं चुनिंदा कामों में एक वेब सीरीज ब्राउन हाल ही में जी5 पर प्रदर्शित हुई।
जिसमें उन्होंने अपने अतीत से लड़ती, लेकिन तेज तर्रार पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई। करिश्मा से उनके शो, करियर के वर्तमान दौर और प्राथमिकताओं पर बातचीत के कुछ अंश:
इतने काम और प्रसिद्धि के बाद क्या सिनेमा इंडस्ट्री की लाइमलाइट से दूर रह पाना आसान है?
मैं अपने बारे में एक ही चीज कहूंगी, ओन लेन, ओन पेस, ओन रेस (अपनी राह, अपनी रफ्तार और अपनी रेस)। मैं अपनी ही राह में चल रही हूं और मुझे लगता है कि प्रशंसक भी मेरी इस बात को पसंद करते हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे पास इतना शानदार और प्यारा प्रशंसक वर्ग है। वे मेरी बातें समझते हैं।
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सुनने में आया कि पहले आपने इस शो को करने से मना कर दिया था?
देखिए, मैं तो बहुत कम काम करती हूं। मुझे अपनी दुनिया में रहना पसंद है। जब एक सेट पर इस शो के लिए निर्माताओं से मुझे प्रस्ताव मिला था, तो उन्होंने बताया कि शूटिंग के लिए आपको 50-60 दिनों के लिए कोलकाता जाना पड़ेगा। यह सुनते ही मैंने कहा कि नहीं, यह तो मुझसे नहीं होगा।

मैं विज्ञापन वगैरह की शूटिंग तो करती रहती हूं, लेकिन इतनी लंबी प्रतिबद्धता मुझसे नहीं होगी। मेरे मना करने के बाद भी वो सेट से गए नहीं। लंच के समय मैं बाहर गई तो उनको देखा, फिर मैंने कहा कि मुझे बहुत बुरा लग रहा है, आप लोग प्लीज जाइए, मैं यह नहीं कर पाउंगी। उनके बहुत कहने पर दो दिन बाद मैं उनसे मिली और पूरी स्क्रिप्ट पढ़ी। उसमें रीटा ब्राउन की भूमिका सुनने के बाद मैं उन्हें मना ही नहीं कर पाई।
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आपकी पहले की चुलबुली और ग्लैमरस भूमिकाओं से अलग यह पात्र निभाना मानसिक तौर पर कितना चुनौतीपूर्ण था?
मैंने अतीत में बहुत अच्छी भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन रीटा ब्राउन जैसा कोई नहीं था। जुबैदा, फिजा या शक्ति फिल्मों में भले ही मेरी भूमिका एक सशक्त महिला की हो, लेकिन यह उन सबसे बिल्कुल अलग है। मुझे नहीं लगता है कि दर्शकों ने इससे पहले इतनी टूटी हुई महिला को केंद्रीय भूमिका में देखा होगा।

यह काफी मुश्किल था। इसके लिए हमने काफी चर्चा की, वर्कशाप किया। उसका व्यक्तित्व मेरी अपने व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग है। उसको शराब, सिगरेट की लत है, अंदर से टूटी हुई है, लेकिन वह बहुत ही अच्छी तथा संवेदनशील पुलिस अधिकारी है।
हेलन जी के साथ काम करना कैसा अनुभव रहा, विशेषकर जब वह इस प्रोजेक्ट से वापसी कर रही हैं?
हेलन आंटी को मैं पिछले कई वर्षों से जानती हूं। उन्होंने मेरे माता-पिता, चाचा और परिवार के कई सदस्यों के साथ भी काम किया है। मेरी मम्मी ने भी मुझे उनके बारे में काफी किस्से बताए कि कैसे जब दूसरी हीरोइन डांस के स्टेप देखकर प्रैक्टिस किया करती थी।
तब हेलन जी को तो स्टेप देखकर बिना प्रैक्टिस के ही याद हो जाता था। उनका डांस एक टेक में ओके हो जाता था। अपनी मां से उनकी कहानियां सुनने के बाद मैंने उन्हें बताया कि मुझे भी डांस का बहुत शौक था। उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस उम्र में भी उनकी ऊर्जा कमाल की है।
इतनी ग्लैमरस छवि के बाद यहां बिना किसी मेकअप वाले लुक में सामने आने से पहले कोई हिचकिचाहट नहीं हुई?
इसी कारण से तो मैंने यह भूमिका निभाई है। मुझे कुछ अलग करना था। मैं अपनी बंदिशे तोड़ना चाहती थी, ऐसा कुछ करना चाहती थी, जहां मेरे प्रशंसक, सिनेप्रेमी मुझे बिल्कुल अलग रूप में देख सके। उम्मीद है कि मेरा यह काम लोगों को पसंद आए।
वर्तमान में तो कई अभिनेत्रियां महिला प्रधान फिल्में कर रही हैं, लेकिन उस दौर में जुबैदा और फिजा जैसी फिल्में करने का निर्णय लेना आसान था?
उस समय में तो वह निर्णय बिल्कुल ही असाधारण था। उस समय तो लोग उस तरह की फिल्मों समानांतर और आर्ट सिनेमा नाम देकर वर्गीकृत कर देते थे। कलाकारों के लिए भी ऐसी फिल्में करना सामान्य नहीं था। जब श्याम बेनेगल (जुबैदा) और खालिद मोहम्मद (फिजा) ने मुझसे इन फिल्मों के लिए संपर्क किया तो मेरी पहली ही प्रतिक्रिया यही थी कि हां मैं करूंगी।
बतौर कलाकार मैं कला में आगे बढ़ना चाहती थी। हम अलग-अलग भूमिकाएं निभाकर ही आगे बढ़ सकते हैं। मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली समझती हूं कि उस तरह के फिल्मकारों ने मुझ पर भरोसा दिखाया और मुझे शानदार मौके दिए। दर्शकों ने भी प्यार दिया, क्योंकि जितना दर्शकों ने मेरी फिल्म बीवी नं 1 को प्यार दिया,उतना ही जुबैदा और शक्ति फिल्मों को भी।