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    'कयामत से कयामत तक' के बाद जब आमिर खान को मिलने लगे थे ताने, इस फिल्म ने बदला था दौर

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 04:28 PM (IST)

    आमिर खान ने 'कयामत से कयामत तक' से रातों-रात स्टारडम हासिल किया, लेकिन बाद में उन्हें 'वन-फिल्म वंडर' कहा जाने लगा क्योंकि उनकी कई फिल्में फ्लॉप हो गई ...और पढ़ें

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आमिर खान (Aamir Khan) ने फिल्म कयामत से कयामत तक से डेब्यू किया था। इस मूवी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। हालांकि, इस सफलता के बावजूद उनके लिए आलोचनाओं में कोई कमी नहीं आई।

    एक्टर ने याद किया कि कैसे इंडस्ट्री में कई लोगों ने उनकी बड़ी कामयाबी के बाद उन्हें 'वन-फिल्म वंडर' कहकर खारिज कर दिया था। उन्होंने भारतीय सिनेमा के बड़े नामों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाने से पहले आई चुनौतियों के बारे में भी बात की।

    1988 में 'कयामत से कयामत तक' की जबरदस्त कामयाबी के बाद, आमिर ने 'लव लव', 'राख', 'अव्वल नंबर' और 'तुम मेरे हो' जैसी फिल्मों में काम किया, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं।

    किसी भी डायरेक्टर ने नहीं किया संपर्क

    BFI लंदन फिल्म फेस्टिवल में उस दौर को याद करते हुए एक्टर ने कहा, 'जब कयामत से कयामत तक रिलीज हुई, तो वह बहुत बड़ी हिट रही। और मैं रातों-रात स्टार बन गया। लेकिन उस समय हालात अलग थे। कयामत से कयामत तक जैसी सुपर हिट फिल्म के बाद भी, बड़े फिल्ममेकर्स से गंभीरता से लिए जाने के लिए और भी बहुत कुछ करना पड़ता था। भले ही मुझे बड़ी कामयाबी मिली थी, लेकिन जिन डायरेक्टर्स के साथ मैं काम करना चाहता था, उनमें से किसी ने भी मुझसे संपर्क नहीं किया। इसलिए मैं एक कामयाब इंसान तो था, लेकिन मुझे वैसा काम नहीं मिल रहा था जैसा मैं चाहता था।'

    Aamir (38)

    एक्टर ने एक साथ साइन कर ली थीं 10 फिल्में

    आमिर ने कहा कि 80 के दशक के आखिर में एक्टर्स अक्सर एक साथ कई फिल्मों में काम करते थे, इसलिए अपनी पहली फिल्म के तुरंत बाद उन्होंने भी लगभग दस प्रोजेक्ट साइन कर लिए।

    उन्होंने आगे कहा,'उस समय, हिंदी फिल्म एक्टर्स एक साथ 40 या 50 फिल्में कर रहे थे। अनिल कपूर सबसे कम, यानी लगभग 33 फिल्में कर रहे थे। गोविंदा 70 से ज्यादा फिल्में कर रहे थे। इसलिए मुझे लगा कि अगर मैं 10 फिल्में साइन कर लूं, तो ठीक रहेगा। मैंने स्क्रिप्ट के आधार पर लगभग आठ से दस फिल्में चुनीं। ज्यादातर फिल्में नए डायरेक्टर्स की थीं। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मैं किस चीज में पड़ रहा हूं। मेरे जैसे इंसान के लिए 10 फिल्में बहुत ज्यादा हैं।'

    Aamir (19)

    आमिर खान ने बताया कि जब उनकी फिल्में लगातार बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो रही थीं तो लोगों ने उन्हें वन फिल्म वंडर कहना शुरू कर दिया था। कई बार वो घर आकर रोते भी थे। हालांकि कुछ ही समय में आमिर खान को इस चीज का एहसास हो गया कि उनका ये फैसला गलत है। 1990 में रिलीज़ हुई माधुरी दीक्षित के साथ 'दिल' फ़िल्म से आमिर का बुरा दौर खत्म हुआ। यह फ़िल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इसके बाद 'दिल है कि मानता नहीं' और 'जो जीता वही सिकंदर' जैसी हिट फिल्में आईं।

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