Zudio Franchise के नाम पर 39.53 लाख ठगे, साइबर ठगों को खाते देने वाले को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार
शाहदरा साइबर पुलिस ने जूडियो फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 39.53 लाख रुपये की ठगी के मामले में बिहार से एक बैंक खाता सप्लायर को गिरफ्तार किया है।

आरोपित ने अब तक की जांच में उसके द्वारा 100 से अधिक बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात सामने आई है।
HighLights
जूडियो फ्रेंचाइजी ठगी में 39.53 लाख रुपये का घोटाला।
बिहार से बैंक खाता सप्लायर सोनू चौधरी गिरफ्तार हुआ।
आरोपी ने 100 से अधिक बैंक खाते उपलब्ध कराए थे।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। जूडियो की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 39.53 लाख रुपये की ठगी के मामले में शाहदरा साइबर थाना पुलिस ने बैंक खाता सप्लायर को बिहार के शेखपुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान शेखपुरा के मोहसिमपुर गांव निवासी सोनू चौधरी (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपित साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। अब तक की जांच में उसके द्वारा 100 से अधिक बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात सामने आई है।
पीड़ित ने सुनाई पूरी पीड़ा
पुलिस के अनुसार, गांधी नगर निवासी सुशांत जैन ने जूडियो की फ्रेंचाइजी लेने के लिए गूगल पर जानकारी तलाश की थी। इस दौरान वह एक फर्जी वेबसाइट के संपर्क में आ गए, जो ट्रेंट-टाटा और जूडियो की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखाई देती थी।
इसके बाद राजेश नाम के व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया। आरोपितों ने फ्रेंचाइजी की प्रक्रिया, शुल्क और अन्य मदों के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई। पीड़ित ने अपने और पिता के बैंक खातों से कुल करीब 39.53 लाख रुपये आरोपितों के बताए खातों में भेज दिए।
डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पहचान की
इस संबंध में साइबर शाहदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने रकम के लेनदेन और लाभार्थी खातों की पड़ताल की तो सोनू चौधरी की भूमिका सामने आई। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल नंबरों की जांच और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर उसकी पहचान की।
इंस्पेक्टर विजय कुमार, एसएचओ साइबर शाहदरा के नेतृत्व में एसआइ श्याम बिहारी शरण, एसआइ विवेक यादव, हेड कांस्टेबल सचिन शालोट और हेड कांस्टेबल कपिल की टीम ने बिहार में स्थानीय स्तर पर सत्यापन और निगरानी के बाद आरोपित को दबोच लिया। उसे 12 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
लेनदेन का पता लगाने में जुटी पुलिस
पूछताछ में पता चला कि आरोपित अपने संपर्कों के जरिये अलग-अलग लोगों के बैंक खाते हासिल करता था और उन्हें साइबर ठगों को रुपये लेकर उपलब्ध कराता था।
इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे दूसरे खातों में भेजने और निपटाने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि उसने पश्चिम बंगाल के नदिया और उत्तर 24 परगना समेत अन्य इलाकों में संपर्कों के माध्यम से 100 से अधिक बैंक खाते जुटाए थे।
पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से संबंधित चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों के लाभार्थियों और ठगी की पूरी रकम के लेनदेन का पता लगाने में जुटी है।
