दिल्ली मर्सिडीज हादसा: उर्मिला ने जाते-जाते आंखें दान कर रोशन की दुनिया, बाकी अंग भी करना चाहती थीं दान
नरेला में मर्सिडीज कार की टक्कर में जान गंवाने वाली 70 वर्षीय उर्मिला देवी की आंखें उनके परिवार ने दान कर दीं, उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए। परिवार न ...और पढ़ें

मर्सिडीज कार की टक्कर में जान गंवाने वाली मृतका उर्मिला। फाइल फोटो
HighLights
नरेला हादसे में मृत उर्मिला देवी की आंखें दान की गईं।
परिवार ने पुलिस जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए।
बेटे प्रमोद भारद्वाज मंगलवार को वकील संग बयान दर्ज कराएंगे।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। नरेला में मर्सिडीज कार की टक्कर में जान गंवाने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला उर्मिला की आंखें उनके परिवार ने दान कर दीं। परिवार के मुताबिक, उर्मिला देवी सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली महिला थीं और जीवनभर जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं।
वह अपने अंगों का दान भी करना चाहती थीं। परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी आंखें दान कीं, जबकि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण अन्य अंगों का दान नहीं हो सका।
उनके बेटे प्रमोद भारद्वाज ने बताया कि उनकी मां बहुत ही नेक व धर्मपरायण थी। वह इंसानों की मदद के अलावा पशु-पक्षियों से भी बेहद लगाव रखती थीं। रोजाना वह सुबह आसपास के पशु-पक्षियों के लिए नियमित रूप से भोजन-पानी की व्यवस्था करती थीं और उनके प्रति बेहद संवेदनशील थीं।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहने वाली उनकी मां का मानना था कि इंसान के जीवन का उद्देश्य दूसरों के काम आना होना चाहिए। उनकी यही सोच उनके निधन के बाद भी अंगदान के फैसले में दिखाई दी।
हादसे के बाद जांच पर परिवार ने उठाए सवाल
उर्मिला के बेटे प्रमोद भारद्वाज ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे के बाद परिवार खुद उनकी मां को अस्पताल लेकर गया। उनका आरोप है कि करीब दो घंटे तक पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
प्रमोद ने चालक के नशे में होने की आशंका, ब्लड सैंपल और अल्कोहल जांच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार ने निष्पक्ष जांच, मेडिकल व फोरेंसिक साक्ष्यों की पारदर्शी जांच और दोष साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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मंगलवार को वकील के साथ बयान दर्ज कराएंगे
नरेला में मर्सिडीज कार की टक्कर से 70 वर्षीय बुजुर्ग उर्मिला देवी की मौत के मामले में उनके बेटे प्रमोद भारद्वाज मंगलवार को वकील के साथ पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराने जाएंगे।
प्रमोद के मुताबिक, जांच अधिकारी प्रवीण दहिया ने सोमवार को उनसे फोन पर संपर्क किया और मंगलवार को बयान दर्ज करने की बात कही है। हादसे के बाद से अब तक बयान दर्ज नहीं होने को लेकर प्रमोद ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
मृतका के बेटे, बोले- मां को न्याय दिलाकर रहूंगा
प्रमोद ने कहा कि वह अपनी मां को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण सवाल शराब की जांच और ब्लड सैंपल को लेकर है।
उन्होंने कहा कि अब तक उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई है कि आरोपित का ब्लड सैंपल लिया गया है या नहीं। यदि सैंपल लिया गया है तो उसकी रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं आई, यह भी स्पष्ट नहीं है। प्रमोद ने आशंका जताई कि सैंपल के साथ छेड़छाड़ या उसे बदलने की कोशिश हो सकती है।