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दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास हुए पत्थरबाजी मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, सात आरोपियों की जमानत अर्जियां सुरक्षित

Published: Sat, 07 Feb 2026 05:30 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 07 Feb 2026 05:40 PM (GMT+05:30)

तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में सात आरोपियों की जमानत अर्जियों पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ...और पढ़ें

तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में सात आरोपियों की जमानत अर्जियों पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। फाइल फोटो

तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में सात आरोपियों की जमानत अर्जियों पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. सात आरोपियों की जमानत अर्जियों पर फैसला सुरक्षित।

  2. सोमवार को जज भूपिंदर सिंह सुनाएंगे फैसला।

  3. अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखी अपनी दलीलें।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तीस हजारी की एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में पत्थरबाजी की घटना से जुड़े एक मामले में सात आरोपियों की जमानत अर्जियों पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एडिशनल सेशंस जज भूपिंदर सिंह सोमवार को मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ, समीर हुसैन, मोहम्मद उबैदुल्ला, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद नवीद और मोहम्मद अथर की जमानत अर्जियों पर फैसला सुना सकते हैं।

कोर्ट सोमवार को पांच अन्य आरोपियों - अदनान, मोहम्मद इमरान, आमिर हमजा, मोहम्मद आदिल और मोहम्मद अदनान - की जमानत अर्जियों पर भी दलीलें सुनेगी।

बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से आगे हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत नहीं है और जांच डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे बढ़ सकती है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए कहा कि चीफ मेडिकल ऑफिसर की गैरमौजूदगी के कारण मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट अभी भी पेंडिंग हैं।

सरकारी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव ने दलील दी कि जांच के लिए आरोपियों की लगातार मौजूदगी ज़रूरी है। कैफ और काशिफ का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने CCTV फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया कि कैफ 6 जनवरी को शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक घर पर था, जबकि पुलिस ने दावा किया कि उसने दोनों भाइयों को सुबह 2:30 बजे गिरफ्तार किया था। बचाव पक्ष ने कहा कि दोनों तभी घर से बाहर निकले जब उनके घर में आंसू गैस घुस गई।

समीर के मामले में, यह दलील दी गई कि उसका घर घटना स्थल से सिर्फ 500 से 700 मीटर दूर था, इसलिए उसकी वहां मौजूदगी स्वाभाविक थी। CCTV फुटेज में उसे रात 12:09 बजे से 1:00 बजे के बीच अपने घर के पास खड़े देखा जा सकता है, जिसे हिंसा में उसकी संलिप्तता का सबूत नहीं माना जा सकता।

उबैदुल्ला के मामले में, बचाव पक्ष ने कहा कि वह सिर्फ पास की दुकान से दवा लेने गया था। उन्होंने अभियोजन पक्ष के इस दावे को भी चुनौती दी कि उसे डिलाइट सिनेमा के पीछे से पकड़ा गया था। बचाव पक्ष के अनुसार, उबैदुल्ला खुद पुलिस स्टेशन गया था, जहां उसके पिता पहले से ही हिरासत में थे।

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